देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय ने शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत सेतु बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए अदाणी सीमेंट के साथ ‘फ्यूचरएक्स’ पहल के तहत समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस समझौते का नेतृत्व उत्तरांचल प्रौद्योगिकी संस्थान (यूआईटी) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग ने किया।
इस रणनीतिक साझेदारी का उद्देश्य विद्यार्थियों को कक्षायी शिक्षा के साथ-साथ उद्योग की वास्तविक आवश्यकताओं और चुनौतियों से जोड़ते हुए सतत बुनियादी ढांचे (सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर) के क्षेत्र में भविष्य के नेतृत्वकर्ताओं के रूप में तैयार करना है।हस्ताक्षर समारोह में अदाणी सीमेंट की ओर से रीजनल टेक्निकल सर्विसेज हेड विवेक सैनी तथा टेक्निकल सर्विसेज इंजीनियर पंकज रावत उपस्थित रहे। वहीं विश्वविद्यालय की ओर से कुलाधिपति जितेंद्र जोशी, उपाध्यक्ष अंकिता जोशी, कुलपति प्रो. (डॉ.) धरम बुद्धि, कुलसचिव डॉ. अनुज कुमार राणा, यूआईटी निदेशक प्रो. (डॉ.) सुमित चौधरी, सिविल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष डॉ. गौरव ठाकुर तथा सहायक प्राध्यापक लोकनाथ कुमार ने सहभागिता की। एमओयू के तहत विद्यार्थियों को उद्योग आधारित व्यावहारिक प्रशिक्षण, नेतृत्व विकास कार्यक्रमों, विशेषज्ञों के मार्गदर्शन तथा संयुक्त अनुसंधान एवं विकास परियोजनाओं में भागीदारी के अवसर मिलेंगे। साथ ही अदाणी सीमेंट निर्माण सामग्री और सतत विकास से जुड़े क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग, संसाधन और विशेषज्ञता उपलब्ध कराएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि यह साझेदारी विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख कौशल प्रदान करने के साथ-साथ नवाचार और अनुसंधान को भी नई दिशा देगी। ‘फ्यूचरएक्स’ पहल के माध्यम से उत्तरांचल विश्वविद्यालय और अदाणी सीमेंट शिक्षा, तकनीक और उद्योग के समन्वय का एक सशक्त मॉडल प्रस्तुत करेंगे, जो विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।