मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार अंत्योदय की भावना के साथ आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर वर्गों के सशक्तिकरण के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने बताया कि पात्र लोगों को पेंशन योजनाओं से जोड़ने के लिए प्रदेशभर में लगातार बहुउद्देशीय शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिसके परिणामस्वरूप हर वर्ष 60 हजार से अधिक नए लोग समाज कल्याण पेंशन योजनाओं से जुड़ रहे हैं।मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि 59 वर्ष की आयु पूरी करने वाले लोगों का पहले से सर्वे कर उनकी औपचारिकताएं पूरी कर ली जाएं, ताकि 60 वर्ष की आयु पूरी होते ही उन्हें पेंशन का लाभ मिल सके। उन्होंने पेंशन योजनाओं की वार्षिक आय सीमा को व्यावहारिक बनाने और विभाग की सभी योजनाओं की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण विभाग को नवाचार अपनाने के निर्देश देते हुए कहा कि विभाग की बेहतर कार्यप्रणालियों को अन्य विभागों के साथ भी साझा किया जाए। साथ ही कॉल सेंटर के माध्यम से बुजुर्गों और पेंशनर्स से नियमित संवाद स्थापित करने की बात कही।
कार्यक्रम में विभागीय मंत्री खजानदास ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विभाग पूरी पारदर्शिता के साथ जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा रहा है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगौली, अपर सचिव बंशीधर तिवारी, निदेशक समाज कल्याण डॉ. संदीप तिवारी समेत विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
