देहरादून। नवजात शिशुओं की जिंदगी बचाने और उनके बेहतर उपचार के लिए आधुनिक चिकित्सा तकनीकों पर देश-विदेश के विशेषज्ञ ग्राफिक एरा अस्पताल में मंथन करेंगे। अस्पताल में 3 और 4 अक्टूबर को उत्तराखंड निओकॉन 2026 का आयोजन किया जा रहा है। चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री सुबोध उनियाल कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।
ग्राफिक एरा अस्पताल के पीडियाट्रिक्स एंड नियोनेटोलॉजी विभाग की ओर से आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन में देशभर के प्रमुख नियोनेटोलॉजिस्ट और पीडियाट्रिशियन एक मंच पर जुटेंगे। नेशनल नियोनेटोलॉजी फोरम (एनएनएफ), उत्तराखंड स्टेट चैप्टर के सहयोग से होने वाले इस सम्मेलन में नवजात शिशुओं की देखभाल, उपचार और आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर विशेषज्ञ अपने अनुभव और विशेषज्ञता साझा करेंगे। सम्मेलन में प्रो. अशोक के. देओरारी, प्रो. प्रवीण कुमार और ऑस्ट्रेलिया के डॉ. संजय पटोले समेत देश-विदेश के विशेषज्ञ हिस्सा लेंगे। वर्ल्ड बैंक ग्रुप के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नीलकंठ मिश्रा भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। सम्मेलन में कुछ विशेषज्ञ और प्रतिभागी ऑनलाइन माध्यम से भी जुड़ेंगे।
नवजात मृत्यु दर कम करने पर विशेष फोकस
उत्तराखंड निओकॉन 2026 के आयोजन सचिव डॉ. शांतनु शुभम ने बताया कि सम्मेलन में नवजात शिशुओं के उपचार से जुड़े कई अहम विषयों पर गहन चर्चा होगी। इनमें रेस्पिरेटरी सपोर्ट, नियोनेटल रिससिटेशन, इंटेंसिव केयर, संक्रमण, पोषण, न्यूरोलॉजिकल केयर और नवजात आपात स्थितियां प्रमुख हैं। सम्मेलन में ‘टीम अप्रोच टू डिक्रीज नियोनेटल मॉर्टेलिटी रेट’ विषय पर विशेष सत्र भी आयोजित किया जाएगा। इसमें नवजात मृत्यु दर को कम करने के लिए चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों के बीच बेहतर समन्वय, समय पर उपचार और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के प्रभावी इस्तेमाल पर विचार-विमर्श किया जाएगा। सम्मेलन का उद्देश्य नवजात चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम उपचार पद्धतियों और विशेषज्ञ अनुभवों को साझा करना तथा स्वास्थ्य सेवाओं में बेहतर उपचार प्रोटोकॉल को बढ़ावा देना है।