देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज देहरादून में हिंदी पखवाड़े का समापन निबंध लेखन और भाषण प्रतियोगिताओं के साथ हुआ। प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने साइबर अपराध, वित्तीय धोखाधड़ी, जनकल्याणकारी योजनाओं और करदाताओं की भूमिका जैसे समसामयिक मुद्दों पर अपने विचार तार्किक और प्रभावी ढंग से रखे।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के कार्यकारी निदेशक अभिषेक जोशी मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे। उन्होंने विद्यार्थियों की रचनात्मकता और अभिव्यक्ति कौशल की सराहना की।
साइबर अपराध को बताया बड़ी चुनौती
निबंध प्रतियोगिता का विषय ‘साइबर अपराध एवं वित्तीय धोखाधड़ी और आम नागरिक : डिजिटल भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती’ था। विद्यार्थियों ने साइबर अपराध के सामाजिक और आर्थिक प्रभावों के साथ डिजिटल दौर में आम नागरिकों के सामने खड़ी चुनौतियों को अपने लेखों में उठाया। विषय की समझ, भाषा, मौलिकता और तार्किक प्रस्तुति के आधार पर प्रतिभागियों का मूल्यांकन किया गया। निबंध प्रतियोगिता में सिद्धिका तोमर ने प्रथम और श्रेया शुक्ला ने द्वितीय स्थान हासिल किया।
‘मुफ्त की योजनाएं’ पर छात्रों में छिड़ी बहस
भाषण प्रतियोगिता का विषय ‘भारत में मुफ्त की योजनाएं : जनकल्याण का अधिकार या करदाता संग कुठाराघात?’ रहा। विद्यार्थियों ने जनकल्याणकारी योजनाओं की जरूरत, कमजोर वर्गों को मिलने वाले लाभ, सरकारी खर्च, करदाताओं की भूमिका और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे विभिन्न पहलुओं पर अपने तर्क रखे। प्रतिभागियों ने तथ्यों, उदाहरणों और तार्किक विचारों के जरिए अपने भाषणों को प्रभावी बनाया। भाषण प्रतियोगिता में आयुषी चौधरी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि अनुष्का अस्वाल और मैत्री पाल संयुक्त रूप से द्वितीय रहीं।
प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थी सम्मानित
दोनों प्रतियोगिताओं में निर्णायकों ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन विषय-वस्तु, भाषा, अभिव्यक्ति, प्रस्तुतीकरण, मौलिकता और तार्किकता के आधार पर किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उपकुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा, प्राचार्य प्रो. पूनम रावत, विभागाध्यक्ष प्रो. राधेश्याम झा, अमित चौधरी, डॉ. भावना अरोड़ा, डॉ. उज्ज्वल सिंह, नंदिनी मजूमदार समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।