देहरादून। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत सेलाकुई पुलिस ने तंत्र-मंत्र और अंधविश्वास के सहारे लोगों से ठगी करने वाले एक कथित बाबा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से करीब 150 ग्राम सोने का बिस्कुटनुमा बार और 5 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 31 मई 2026 को वादिनी ओशीन गुरूंग पत्नी अनीश गुरूंग, निवासी शहीद किशन थापा मार्ग, सेलाकुई ने थाना सेलाकुई में तहरीर दी थी कि राहुल थापा नामक व्यक्ति ने उनके परिवार को अनिष्ट होने का भय दिखाकर पूजा-पाठ और अनुष्ठान के नाम पर उनके घर से लगभग 65 तोला सोना गायब कर दिया। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर 09 जून 2026 को थाना सेलाकुई में संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर थाना सेलाकुई स्तर पर दो पुलिस टीमों का गठन किया गया तथा एसओजी को भी जांच में शामिल किया गया। पुलिस टीमों द्वारा की गई विवेचना एवं साक्ष्यों के आधार पर नामजद आरोपी राहुल थापा पुत्र गिरीश थापा, निवासी तेलपुरा अटक फार्म, सेलाकुई को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह वर्ष 2013 से पंडिताई का कार्य कर रहा है तथा लोगों का भविष्य बताने और माता की चौकी कराने के नाम पर धन अर्जित करता था। अधिक पैसे कमाने के लालच में उसने ठगी की एक योजना बनाई, जिसके तहत वह रात के समय अपने लक्षित व्यक्तियों के घर के बाहर जादू-टोने से संबंधित सामग्री की पोटली फेंकता और अगले दिन फोन कर उन्हें अनिष्ट होने का भय दिखाकर पूजा-अनुष्ठान के नाम पर बड़ी रकम वसूलता था। इसी योजना के तहत आरोपी ने अपनी दूर की रिश्तेदार ओशीन गुरूंग को निशाना बनाया। उसने दिनांक 01 मार्च 2026 की रात्रि उनके घर के बाहर काले कपड़े में उड़द की दाल, रोली, लौंग, नींबू आदि रखकर पोटली फेंकी और अगले दिन फोन कर घर में टोना-टोटका होने का डर दिखाया। इसके बाद वह स्वयं उनके घर पहुंचा और पूजा अनुष्ठान के नाम पर सभी आभूषण एक संदूक में रखवा लिए। मौका पाकर उसने आभूषण निकाल लिए और संदूक को 62 दिन बाद खोलने की बात कहकर वहां से ले गया।
पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद आरोपी की निशानदेही पर ठगे गए आभूषणों से बनाया गया लगभग 150 ग्राम सोने का बिस्कुटनुमा बार तथा आभूषण बेचकर प्राप्त 5 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। आरोपी से पुलिस रिमांड लेकर अन्य घटनाओं, उसके नेटवर्क एवं संभावित सहयोगियों के संबंध में भी विस्तृत पूछताछ की जाएगी।
