– माया देवी विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस सम्पन्न
देहरादून।माया देवी विश्वविद्यालय में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस “रिजनरेटिव एंड रेजिलिएंट : शेपिंग द फ्यूचर ऑफ एग्रीकल्चर थ्रू सस्टेनेबिलिटी” सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। कान्फ्रेंस में विशेषज्ञों ने सतत कृषि और जलवायु चुनौतियों पर विशेषज्ञों ने विचार व्यक्त किए
समापन समारोह का शुभारंभ विश्वविद्यालय की वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल, विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. आर. जी. उपाध्याय, पूर्व निदेशक एग्रीकल्चर एक्सटेंशन सीएसके केबी पालमपुर हिमाचल तथा वाइस चांसलर प्रो. डॉ. आशीष सेमवाल ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। समारोह में प्रो. डॉ. आर. जी. उपाध्याय ने विश्वविद्यालय को इस महत्वपूर्ण विषय पर कॉन्फ्रेंस आयोजित करने के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कृषि को टिकाऊ और लचीला बनाना बेहद आवश्यक है। रिजनरेटिव एग्रीकल्चर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ किसानों की आय बढ़ाने और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित खाद्य प्रणाली सुनिश्चित करने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने युवा कृषि वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं और छात्रों से इस दिशा में नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया। विवि की वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल ने कहा कि इस प्रकार की कॉन्फ्रेंस ज्ञान के आदान-प्रदान का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करती हैं। उन्होंने कहा कि सतत कृषि क्षेत्र में हो रहे शोध कार्य भविष्य की वैश्विक चुनौतियों के समाधान में अहम भूमिका निभाएंगे। वाइस चांसलर प्रो. डॉ. आशीष सेमवाल ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि कॉन्फ्रेंस के लिए कुल 398 शोध पत्र प्राप्त हुए थे, जिनमें से विशेषज्ञों की गहन समीक्षा के बाद 257 शोध पत्रों को प्रस्तुतीकरण के लिए चयनित किया गया। प्रतिभागियों ने सतत कृषि, जलवायु परिवर्तन, जैविक खेती तथा आधुनिक कृषि तकनीकों जैसे विषयों पर अपने शोध प्रस्तुत किए। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा सभी अतिथियों को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। साथ ही कॉन्फ्रेंस में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कीनोट स्पीकर के रूप में प्रो. डॉ. नीरज कुमार (एचओडी, एग्री माइक्रोबायोलॉजी, कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय), डॉ. राहुल कुमार (डीएवी गवर्नमेंट पीजी कॉलेज, जालंधर) तथा डॉ. प्रियंका पांडे (डीबीएस यूनिवर्सिटी, देहरादून) ने सतत कृषि विकास पर अपने शोध और अनुभव पीपीटी प्रस्तुतीकरण के माध्यम से साझा किए।
कार्यक्रम में प्रो. वाइस चांसलर प्रो. डॉ. संदीप विजय, रजिस्ट्रार श्रीमती अंबिका जुयाल, ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेट्री प्रो. डॉ. देवेंद्र सिंह रावत, डीन एकेडमिक प्रो. डॉ. आर. बी. सिंह, श्रीमती सीता जुयाल सहित विभिन्न स्कूलों के प्रिंसिपल, डीन, शिक्षक एवं छात्र उपस्थित रहे।
