देहरादून। खेलों के माध्यम से समावेशन और समान अवसरों को बढ़ावा देने की दिशा में एक सराहनीय पहल करते हुए यूपीईएस, देहरादून ने विशेष रूप से सक्षम खिलाड़ियों के लिए आयोजित ‘चैम्पियंस लीग’ क्रिकेट टूर्नामेंट के प्रथम संस्करण का सफलतापूर्वक समापन किया। दो दिवसीय इस प्रतियोगिता ने खिलाड़ियों की प्रतिभा, आत्मविश्वास और संघर्षशीलता को नई पहचान दी।
16 और 17 जून को विश्वविद्यालय के बिधोली परिसर स्थित क्रिकेट मैदान में आयोजित टूर्नामेंट में उत्तराखंड की दो विशेष रूप से सक्षम क्रिकेट टीमों—माउंटेन स्ट्राइकर्स और हिमालयन फाइटर्स—ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल कौशल, टीम भावना और अदम्य साहस का प्रदर्शन कर दर्शकों का दिल जीत लिया। यह आयोजन केवल एक खेल प्रतियोगिता नहीं, बल्कि विशेष रूप से सक्षम खिलाड़ियों की क्षमताओं और उपलब्धियों का उत्सव बन गया।
टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला बेहद रोमांचक रहा। दोनों टीमों के बीच श्रृंखला 1-1 की बराबरी पर समाप्त होने के बाद विजेता का फैसला सुपर ओवर से हुआ। कड़े संघर्ष के बाद माउंटेन स्ट्राइकर्स ने जीत दर्ज करते हुए चैम्पियंस लीग ट्रॉफी अपने नाम कर ली। व्यक्तिगत प्रदर्शन में भी खिलाड़ियों ने शानदार छाप छोड़ी। माउंटेन स्ट्राइकर्स के शुभम को 50 गेंदों में 69 रन बनाने के लिए सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज़ चुना गया। इसी टीम के गणेश दत्त ने पूरे टूर्नामेंट में 9 विकेट लेकर सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज़ का पुरस्कार हासिल किया, जबकि हिमालयन फाइटर्स के राहुल को सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षक के सम्मान से नवाजा गया। यूपीईएस ने इस अवसर पर यह भी घोषणा की कि पात्र प्रतिभागियों के लिए विश्वविद्यालय में उपलब्ध उपयुक्त पदों पर रोजगार के अवसर तलाशने की संभावनाओं पर विचार किया जाएगा। यह कदम समावेशन और सशक्तिकरण के प्रति संस्थान की दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। यूपीईएस के प्रो वाइस चांसलर (ऑपरेशंस एंड ग्रोथ इनिशिएटिव्स) एवं रजिस्ट्रार मनीष मदान ने कहा कि चैम्पियंस लीग प्रतिभा, दृढ़ संकल्प और संघर्ष की भावना को सम्मान देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि खेल न केवल लोगों को जोड़ते हैं, बल्कि आत्मविश्वास बढ़ाने और नए अवसरों के द्वार खोलने का भी सशक्त माध्यम हैं।
यह आयोजन यूपीईएस की सीएसआर टीम द्वारा खेल विभाग, प्रशासन, इंफर्मरी टीम, ग्राउंड स्टाफ और स्वयंसेवकों के सहयोग से संपन्न कराया गया, जो समाज में समावेशन और सकारात्मक बदलाव लाने की विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।