देहरादून। राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के अवसर पर राजकीय दून मेडिकल कॉलेज में आयोजित ‘पांचवें डॉक्टर ऑफ द ईयर अवार्ड-2026’ समारोह में प्रदेश के उत्कृष्ट चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में चिकित्सा, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री सुबोध उनियाल ने चिकित्सा क्षेत्र को और सशक्त बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं करते हुए कहा कि राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। इन केंद्रों के माध्यम से चिकित्सकों और मेडिकल विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वर्ष 2026 के अंत तक सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में रिक्त पदों पर नियुक्तियां पूरी करने के साथ ही लंबित पदोन्नतियां भी शत-प्रतिशत सुनिश्चित करेगी। इसके अलावा विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए अलग कैडर बनाने की दिशा में भी सरकार काम कर रही है। स्वास्थ्य मंत्री ने चिकित्सकों से तनावमुक्त जीवनशैली अपनाने और योग व मेडिटेशन को दिनचर्या का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ‘डॉक्टर ऑफ द ईयर’ सम्मान केवल उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति बढ़ी हुई जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। समारोह की अध्यक्षता उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. (डॉ.) भानु दुग्गल ने की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा आमजन की पहुंच में बनी रहनी चाहिए तथा इसका अत्यधिक व्यवसायीकरण समाज के हित में नहीं है। भारतीय चिकित्सा परिषद के अध्यक्ष डॉ. जे.एन. नौटियाल ने समग्र स्वास्थ्य के लिए आयुष चिकित्सा की उपयोगिता पर जोर दिया, जबकि स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र डोभाल ने युवा चिकित्सकों में बढ़ते मानसिक तनाव और आत्महत्या की घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए संस्थानों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता को मजबूत करने की आवश्यकता बताई।
कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न सरकारी और निजी चिकित्सा संस्थानों के 32 चिकित्सकों को ‘डॉक्टर ऑफ द ईयर’, तीन चिकित्सकों को ‘आउटस्टैंडिंग लीडरशिप अवार्ड’ तथा तीन वरिष्ठ चिकित्सकों को ‘लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। दून मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि कार्यक्रम के संयोजक संपादक डॉ. कुँवर राज अस्थाना ने पुरस्कार चयन प्रक्रिया की जानकारी दी। समारोह में चिकित्सा एवं शिक्षा जगत से जुड़े अनेक वरिष्ठ चिकित्सक, शिक्षाविद और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।