मसूरी। प्रदेश सरकार के सेवा, सुशासन और समर्पण अभियान के तहत मसूरी के राधा कृष्ण मंदिर परिसर में आयोजित बहुउद्देशीय जनसमस्या निवारण शिविर में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों की समस्याएं सुनीं और कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण कराया।
शिविर में विभिन्न विभागों की ओर से लगाए गए स्टॉलों के माध्यम से आमजन को सरकार की योजनाओं और जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। मंत्री गणेश जोशी ने स्टॉलों का निरीक्षण कर लाभार्थियों को योजनाओं से जुड़ी सामग्री भी वितरित की। जनता से संवाद करते हुए मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। सेवा पखवाड़ा इसी सोच के साथ आयोजित किया जा रहा है, ताकि लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। शिविर में स्थानीय लोगों ने सड़क, पेयजल, वन, समाज कल्याण सहित विभिन्न विभागों से जुड़ी समस्याएं रखीं। मंत्री ने अधिकारियों को मौके पर ही आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने वन विभाग को निर्देशित किया कि क्षेत्र में सूखे और खतरा बने पेड़ों को चिह्नित कर जल्द से जल्द लॉपिंग एवं अन्य जरूरी कार्रवाई की जाए। वहीं, समाज कल्याण विभाग को मसूरी में विशेष शिविर लगाकर पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराने को कहा।मंत्री गणेश जोशी ने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि जनहित के मामलों में लापरवाही और अनावश्यक देरी स्वीकार नहीं की जाएगी। अधिकारी समयसीमा के भीतर शिकायतों का निस्तारण सुनिश्चित करें, जिससे आमजन को परेशानी का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड के विकास और सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने समान नागरिक संहिता, नकल विरोधी कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, भू-कानून और शिक्षा क्षेत्र में किए गए सुधारों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया। मंत्री ने कहा कि प्रदेश में युवाओं के लिए पारदर्शी भर्ती व्यवस्था लागू की गई है और महिलाओं को सरकारी सेवाओं में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया गया है। इसके साथ ही निवेश, रोजगार, पर्यटन और चारधाम यात्रा से जुड़े बुनियादी ढांचे के विकास को भी गति मिली है।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष मीरा सकलानी, मंडल अध्यक्ष रजत अग्रवाल, मोहन पेटवाल, सतीश ढौंढियाल, कुशाल राणा, सभासदगण, विभागीय अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे।
