– भारत में 62वें स्थान पर, वैश्विक स्तर पर 1001-1200 रैंक बैंड में जगह
– रिसर्च क्वालिटी में दुनिया में 650वीं रैंक
देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय ने वैश्विक अकादमिक रैंकिंग में पहली बार जगह बनाते हुए Times Higher Education (THE) World University Rankings 2027 में 1001-1200 के वैश्विक रैंक बैंड में स्थान हासिल किया है। भारत की रैंकिंग में विश्वविद्यालय 62वें स्थान पर रहा है। विश्वविद्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार इस वर्ष 131 देशों के 3,146 संस्थानों ने रैंकिंग में हिस्सा लिया।
रैंकिंग में पहली बार प्रवेश को विश्वविद्यालय ने अपनी अकादमिक और शोध यात्रा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है। खास बात यह है कि Research Quality के क्षेत्र में विश्वविद्यालय को वैश्विक स्तर पर 650वां स्थान मिला है। भारत के स्तर पर इसी श्रेणी में विश्वविद्यालय 19वें स्थान पर रहा, जबकि International Outlook में भारत में 20वां स्थान हासिल किया।
शोध और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता पर जोर
THE की रैंकिंग में विश्वविद्यालय की एंट्री को उसके शोध, नवाचार, गुणवत्ता सुधार और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता से जोड़कर देखा जा रहा है। विश्वविद्यालय के अनुसार, रैंकिंग में मिली जगह संस्थान की बढ़ती शोध क्षमता और अंतरराष्ट्रीय अकादमिक जुड़ाव को दर्शाती है। विश्वविद्यालय ने कहा कि वैश्विक उच्च शिक्षा के बदलते परिदृश्य में एशियाई विश्वविद्यालयों की बढ़ती भूमिका के बीच उसका पहली बार THE रैंकिंग में शामिल होना संस्थागत विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पड़ाव है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय के रजत जयंती वर्ष में सामने आई है।
वैश्विक रैंकिंग में 3,146 संस्थान
THE World University Rankings 2027 में 131 देशों के 3,146 संस्थानों को शामिल किया गया है। ऐसे में पहली बार वैश्विक रैंकिंग में शामिल होना उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अकादमिक पहचान दर्ज कराने का अवसर माना जा रहा है। विश्वविद्यालय के मुताबिक इस उपलब्धि में नेतृत्व, शिक्षकों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों तथा प्रशासनिक और पेशेवर टीमों का सामूहिक योगदान रहा है। विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी, उपाध्यक्ष अंकिता जोशी, कार्यकारी निदेशक (Student Affairs & IT) डॉ. अभिषेक जोशी, कुलपति प्रो. धर्म बुद्धि और प्रति-कुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा ने उपलब्धि पर विश्वविद्यालय परिवार को बधाई दी।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने कहा कि वैश्विक रैंकिंग में प्रवेश के बाद अब अकादमिक उत्कृष्टता, अनुसंधान, नवाचार और अंतरराष्ट्रीय सहभागिता को और मजबूत करने पर जोर दिया जाएगा। उपलब्धि के बाद विश्वविद्यालय परिसर में उत्साह का माहौल है।