– 30 टीमों को पछाड़कर हासिल किया पहला स्थान
देहरादून। अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी तार्किक क्षमता, कानूनी समझ और प्रभावशाली वक्तृत्व कौशल का लोहा मनवाते हुए उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज देहरादून की छात्राओं वंशिका भल्ला और शुभा सिंह ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। प्रयागराज में डॉ. राजेंद्र प्रसाद नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित अंतरराष्ट्रीय वाद-विवाद प्रतियोगिता में दोनों ने श्रीलंका सहित देश-विदेश की 30 टीमों को पीछे छोड़ते हुए प्रथम स्थान हासिल किया। इस जीत से उत्तरांचल विश्वविद्यालय के साथ उत्तराखंड का नाम भी रोशन हुआ है।
प्रतियोगिता का मुख्य विषय था— ‘आर्थिक प्रतिबंध अब कानूनी उपायों के बजाय भू-राजनीतिक दबाव डालने के साधन बन गए हैं।’ विषय की गंभीरता और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े कानूनी पहलुओं पर प्रतिभागियों को अपने तर्क प्रस्तुत करने थे। प्रतियोगिता के प्रारंभिक दौर में अचानक एक नया विषय दिया गया— ‘प्रतिबंधों और व्यापार युद्धों के संदर्भ में विश्व व्यापार संगठन (WTO) की प्रासंगिकता।’ इस विषय की तैयारी और प्रस्तुति के लिए प्रतिभागियों को महज 20 मिनट का समय मिला। सीमित समय में विषय को समझकर सटीक तर्क रखने की चुनौती के बीच वंशिका और शुभा ने प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कड़े मुकाबले के बाद निर्णायक मंडल ने उत्तरांचल विश्वविद्यालय की टीम को विजेता घोषित किया। विजेता छात्राओं को इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति हरवीर सिंह और न्यायमूर्ति अजय कुमार ने 50 हजार रुपये की नकद पुरस्कार राशि और ट्रॉफी देकर सम्मानित किया। इस उपलब्धि पर विश्वविद्यालय के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी, उपाध्यक्ष अंकिता जोशी और कुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा ने दोनों छात्राओं का स्वागत कर उन्हें बधाई दी। अध्यक्ष जितेंद्र जोशी ने कहा कि वंशिका और शुभा ने देश-विदेश की प्रतिष्ठित टीमों के बीच शानदार प्रदर्शन कर विश्वविद्यालय और प्रदेश का गौरव बढ़ाया है। उनकी सफलता आने वाले विद्यार्थियों के लिए प्रेरणा बनेगी और उन्हें राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी।
विश्वविद्यालय प्रबंधन ने इस उपलब्धि को विद्यार्थियों की शैक्षणिक दक्षता, तार्किक सोच और प्रभावी अभिव्यक्ति का परिणाम बताते हुए भविष्य में भी ऐसी सफलताओं की उम्मीद जताई।