देहरादून। उत्तरांचल यूनिवर्सिटी ने फार्मास्युटिकल अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। विश्वविद्यालय के उत्तरांचल इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्युटिकल साइंसेज (यूआईपीएस) ने सेलाकुई स्थित एनेचर बायोफर्मा लिमिटेड के साथ समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस साझेदारी का उद्देश्य फार्मास्युटिकल विज्ञान के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार, कौशल विकास और औद्योगिक अनुभव को बढ़ावा देना है।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी की वाइस प्रेसिडेंट अंकिता जोशी, कुलपति प्रो. (डॉ.) धर्म बुद्धि, प्रति-कुलपति प्रो. (डॉ.) राजेश बहुगुणा, कुलसचिव डॉ. अनुज कुमार राणा, यूआईपीएस के निदेशक प्रो. (डॉ.) विकास जखमोला और प्रो. (डॉ.) श्रद्धा बिष्ट मौजूद रहे। एनेचर बायोफर्मा लिमिटेड की ओर से उप महाप्रबंधक डॉ. प्रशांत के. बाबू और अतिरिक्त प्रबंधक डॉ. अभिमन्यु पराशर ने भाग लिया।
अकादमिक अनुसंधान और उद्योग के बीच बनेगा बेहतर तालमेल
इस समझौते के माध्यम से दोनों संस्थान अकादमिक अनुसंधान को औद्योगिक जरूरतों से जोड़ने के लिए मिलकर काम करेंगे। साझेदारी के तहत अनुवादात्मक अनुसंधान (ट्रांसलेशनल रिसर्च), औद्योगिक प्रशिक्षण और उत्पाद-केंद्रित नवाचार के अवसरों को विस्तार देने पर जोर रहेगा। इस पहल से फार्मेसी के विद्यार्थियों को अनुसंधान की व्यावहारिक प्रक्रियाओं को समझने और उद्योग की कार्यप्रणाली से परिचित होने के अवसर मिलने की उम्मीद है। साथ ही, छात्रों की अनुसंधान क्षमता और तकनीकी कौशल को विकसित करने में भी मदद मिल सकती है।
उद्योग की जरूरतों के अनुरूप अनुसंधान पर जोर
विश्वविद्यालय और कंपनी के बीच सहयोग से संकाय सदस्यों तथा उद्योग विशेषज्ञों के बीच संवाद और ज्ञान के आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलेगा। इससे फार्मास्युटिकल और संबंधित क्षेत्रों में उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप समाधान विकसित करने तथा नवाचार को प्रोत्साहित करने की संभावनाएं बढ़ेंगी। दोनों संस्थानों की इस पहल को उच्च शिक्षा और उद्योग के बीच सहयोग मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान से जोड़ने के साथ अनुसंधान को अधिक उपयोगी और उद्योगोन्मुख बनाना है।
इस अवसर पर उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के अध्यक्ष जितेंद्र जोशी के निरंतर सहयोग, प्रोत्साहन और मार्गदर्शन के लिए विशेष आभार व्यक्त किया गया। विश्वविद्यालय ने शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के क्षेत्र में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।