उत्तराखंड में हर अग्निवीर को मिलेगा रोजगार, सीएम धामी की घोषणा पर तेजी से काम

– कर्नल अजय कोठियाल ने बताया रोडमैप; स्किलिंग से लेकर सरकारी, निजी और कॉरपोरेट क्षेत्रों में रोजगार तक की बनेगी व्यवस्था

देहरादून। उत्तराखंड जल्द ही देश का पहला ऐसा राज्य बनने जा रहा है, जहां सेना से सेवा पूरी कर लौटने वाले प्रत्येक अग्निवीर को रोजगार उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की घोषणा को धरातल पर उतारने की दिशा में सरकार ने तेजी से काम शुरू कर दिया है। इसके तहत जल्द ही ‘अग्निवीर रोजगार सेल (एआरसी)’ का गठन किया जाएगा, जो अग्निवीरों की स्किलिंग, करियर काउंसलिंग और रोजगार सुनिश्चित करने का काम करेगा।

देहरादून स्थित उत्तरांचल प्रेस क्लब में सोमवार को आयोजित पत्रकार वार्ता में उत्तराखंड राज्य पूर्व सैनिक कल्याण सलाहकार परिषद के अध्यक्ष एवं यूथ फाउंडेशन के संस्थापक कर्नल (सेवानिवृत्त) अजय कोठियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित करने के उद्देश्य से यह ऐतिहासिक पहल की है। उन्होंने कहा कि एआरसी के गठन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और जल्द ही इसका शासनादेश जारी कर दिया जाएगा। कर्नल कोठियाल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने उन्हें एआरसी की संपूर्ण रूपरेखा तैयार करने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह सेल तय करेगा कि अग्निवीरों को किस प्रकार प्रशिक्षण दिया जाए, उन्हें किन क्षेत्रों में रोजगार उपलब्ध कराया जाए और किस तरह सरकारी, निजी तथा कॉरपोरेट क्षेत्र के साथ समन्वय स्थापित किया जाए। उन्होंने कहा कि सेना में चार वर्ष की सेवा पूरी कर लौटने वाले अग्निवीरों के अनुभव, कौशल और रुचि के अनुरूप रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए एआरसी विशेष कैप्सूल प्रशिक्षण कार्यक्रम भी संचालित करेगा, ताकि अग्निवीरों को उद्योगों और बाजार की मांग के अनुरूप तैयार किया जा सके।

कर्नल कोठियाल ने बताया कि राज्य सरकार पहले ही अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण की व्यवस्था कर चुकी है। इसके अलावा एआरसी के माध्यम से शेष अग्निवीरों को भी रोजगार उपलब्ध कराने की व्यापक योजना तैयार की जा रही है। उन्होंने बताया कि 50 से अधिक विभिन्न क्षेत्रों की पहचान की गई है, जिनमें अग्निवीरों की विशेषज्ञता का उपयोग किया जाएगा। इनमें आपदा प्रबंधन, पर्यटन, होटल उद्योग, सुरक्षा सेवाएं, लॉजिस्टिक्स, विनिर्माण, आधारभूत संरचना, कृषि, खेल और कॉरपोरेट क्षेत्र प्रमुख हैं। इन क्षेत्रों में उनकी दक्षता और अनुशासन का लाभ उठाते हुए रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएंगे। कर्नल कोठियाल ने कहा कि अग्निवीर रोजगार सेल सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय की निगरानी में कार्य करेगा, जिससे किसी भी प्रकार की समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने विश्वास जताया कि यह मॉडल पूरे देश के लिए एक उदाहरण बनेगा और उत्तराखंड अग्निवीरों के पुनर्वास एवं रोजगार के क्षेत्र में अग्रणी राज्य के रूप में स्थापित होगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *