– उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में प्रोग्रामर्स डे-2026 का भव्य आयोजन
– 200 से अधिक विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा
देहरादून। तकनीक के क्षेत्र में नई सोच, नवाचार और रचनात्मकता को मंच देते हुए उत्तरांचल स्कूल ऑफ कंप्यूटिंग साइंसेज (यूएससीएस), उत्तरांचल यूनिवर्सिटी में प्रोग्रामर्स डे-2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बाइट 3.0, प्रोजेक्ट एक्सपो और वेब क्राफ्टर्स 3.0 के तहत आयोजित अंतर-विश्वविद्यालयीय तकनीकी प्रतियोगिताओं में विभिन्न विश्वविद्यालयों के 200 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रतिभाग कर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने कोडिंग, वेब डेवलपमेंट, प्रोजेक्ट निर्माण, नवाचार और समस्या-समाधान जैसे क्षेत्रों में अपनी तकनीकी दक्षता का प्रदर्शन किया। उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के साथ ग्राफिक एरा विश्वविद्यालय, तुलाज़ विश्वविद्यालय, देवभूमि उत्तराखंड विश्वविद्यालय और हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय समेत कई संस्थानों के विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम में उत्तरांचल यूनिवर्सिटी के प्रेसिडेंट जितेंद्र जोशी, वाइस प्रेसिडेंट अंकिता जोशी, यूएससीएस की डायरेक्टर प्रो. (डॉ.) सोनल शर्मा और प्रो. (डॉ.) समीर देव शर्मा मौजूद रहे। अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि तकनीक के तेजी से बदलते दौर में विद्यार्थियों के लिए केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, बल्कि नवाचार, रचनात्मक सोच और व्यावहारिक तकनीकी कौशल भी जरूरी हैं। ऐसे आयोजन युवाओं को अपनी क्षमता परखने और नए विचारों को वास्तविक रूप देने का अवसर देते हैं।
वेब क्राफ्टर्स 3.0 में शेखर ममगाईं और मेहक परवीन ने प्रथम स्थान हासिल किया। प्रदीप चंद और शिवांक भट्ट द्वितीय तथा देव गुसाईं और सुमित भंडारी तृतीय स्थान पर रहे। बाइट 3.0 में लक्ष्मणा पोट्टा विजेता रहे, जबकि आयुष बिष्ट और आकांक्षा प्रथम उपविजेता तथा पीयूष मेहरवाल और प्रज्वल सिंह बसेरा द्वितीय उपविजेता रहे। प्रोजेक्ट एक्सपो में मनविंदर सिंह उदय और मोहम्मद फैज़ान मंसूरी विजेता बने।विजेताओं और उपविजेताओं को ट्रॉफी एवं नकद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। प्रतियोगिताओं का निर्णयन डॉ. परमिंदर सिंह, डिंपल चौधरी और डॉ. अमरजीत रावत ने किया। प्रतिभागियों का मूल्यांकन तकनीकी दक्षता, नवाचार, रचनात्मकता और प्रस्तुतीकरण कौशल के आधार पर किया गया।
कार्यक्रम के सफल आयोजन में मनीषा सैनी, मनीषा खंडूजा और विद्यार्थी स्वयंसेवकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आयोजन ने विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान के साथ अपनी रचनात्मक क्षमता और नवाचार को प्रदर्शित करने का प्रभावी मंच प्रदान किया।