देहरादून। माया देवी विश्वविद्यालय में शनिवार को राष्ट्रीय खेल दिवस उत्साह, उमंग और खेल भावना के साथ मनाया गया। परिसर में दिनभर खेल गतिविधियों की धूम रही। विश्वविद्यालय के करीब 400 विद्यार्थियों ने खो-खो, कबड्डी, क्रिकेट, बैडमिंटन और शतरंज समेत विभिन्न प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेकर अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिताओं के दौरान विद्यार्थियों में जीत को लेकर उत्साह के साथ-साथ स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और टीम भावना भी नजर आई।
कार्यक्रम की शुरुआत महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को श्रद्धांजलि अर्पित कर हुई। विश्वविद्यालय परिवार ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर भारतीय हॉकी में उनके योगदान को याद किया। विद्यार्थियों को मेजर ध्यानचंद के जीवन से प्रेरणा लेते हुए खेलों को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया गया। मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल ने कहा कि खेल विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि पढ़ाई के साथ खेलों में सक्रिय भागीदारी विद्यार्थियों के भीतर आत्मविश्वास, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता, धैर्य और टीम भावना विकसित करती है। उन्होंने विद्यार्थियों से नियमित रूप से किसी न किसी खेल अथवा शारीरिक गतिविधि में हिस्सा लेने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि स्वस्थ शरीर के साथ सकारात्मक सोच विद्यार्थी के जीवन को नई दिशा देती है। खेल केवल शारीरिक फिटनेस तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे व्यक्तित्व को निखारने और जीवन की चुनौतियों का सामना करने का आत्मविश्वास भी प्रदान करते हैं।
विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रो. डॉ. आशीष सेमवाल ने कहा कि राष्ट्रीय खेल दिवस देश के महान खिलाड़ियों के समर्पण, संघर्ष और अनुशासन को याद करने का अवसर है। मेजर ध्यानचंद का जीवन इस बात की मिसाल है कि प्रतिभा के साथ निरंतर अभ्यास, कड़ी मेहनत और अनुशासन सफलता की कुंजी है। उन्होंने कहा कि स्वस्थ युवा ही सशक्त और विकसित राष्ट्र की आधारशिला हैं। खेल विद्यार्थियों को जीत का जश्न मनाने के साथ हार से सीखने और मुश्किल परिस्थितियों में भी आगे बढ़ने की क्षमता देते हैं। विश्वविद्यालय विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ खेल, संस्कृति और अन्य सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।प्रतियोगिताओं में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। खेल गतिविधियों के माध्यम से उन्हें फिटनेस, अनुशासन, टीम भावना और स्वस्थ जीवनशैली के महत्व से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि खेल केवल पदक जीतने का माध्यम नहीं, बल्कि चरित्र निर्माण और व्यक्तित्व विकास का भी प्रभावी साधन हैं।
इस अवसर पर वाइस प्रेसिडेंट प्रो. डॉ. तृप्ति जुयाल सेमवाल, वाइस चांसलर प्रो. डॉ. आशीष सेमवाल, रजिस्ट्रार श्रीमती अंबिका जुयाल, डीन एकेडमिक्स प्रो. डॉ. आरबी सिंह, बीएड प्रिंसिपल डॉ. सीता जुयाल, यूनिवर्सिटी स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर पंकज चतुर्वेदी सहित विभिन्न स्कूलों के स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।