देहरादून। ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट के जरिए कम रकम लगाकर बड़ा मुनाफा कमाने का लालच देकर ₹1.77 करोड़ की साइबर ठगी करने वाले गिरोह के एक आरोपी को उत्तराखंड एसटीएफ ने राजस्थान से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि पीड़ित से ठगी गई रकम में से करीब ₹14 लाख आरोपी के बैंक खाते में पहुंचे, जबकि उसके खाते में महज चार महीने के भीतर करीब ₹95 लाख का संदिग्ध लेन-देन हुआ।
हरिद्वार निवासी शिकायतकर्ता ने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में शिकायत दर्ज कराई थी कि उसने YouTube पर Winadda ऑनलाइन गेमिंग वेबसाइट का विज्ञापन देखा था। इसके बाद साइबर ठगों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से WhatsApp के माध्यम से संपर्क किया और लिंक भेजकर कम धनराशि निवेश करने पर अधिक लाभ का भरोसा दिलाया। इस झांसे में आकर वर्ष 2025 में शिकायतकर्ता से कुल ₹1,77,53,960 की रकम ठग ली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मु0अ0सं0 20/2026 दर्ज कर जांच निरीक्षक अनिल कुमार को सौंपी गई। विवेचना के दौरान पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल बैंक खातों और उनमें हुए लेन-देन की गहन पड़ताल की। इसी दौरान करीब ₹14 लाख की रकम आरोपी के खाते में क्रेडिट होने के अहम साक्ष्य मिले।जांच में आरोपी के बैंक खाते में महज चार महीने की अवधि में करीब ₹95 लाख का लेन-देन सामने आया। बैंकिंग ट्रेल और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने के बाद एसटीएफ टीम ने खाते के धारक किशोर पुत्र मदन लाल (41) को राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के लाडनूं थाना क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ और बैंक खातों की आगे की जांच के जरिए साइबर ठगी के नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आने की उम्मीद है।
ठगी से बचने को एसटीएफ की अपील
एसटीएफ ने लोगों से ऑनलाइन गेमिंग, निवेश या किसी भी प्रकार के त्वरित और बड़े मुनाफे का लालच देने वाली वेबसाइटों और अज्ञात व्यक्तियों से सावधान रहने की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने या रकम ट्रांसफर करने से पहले उसकी सत्यता की जांच करें। साइबर ठगी होने पर तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं।