देहरादून। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में शिक्षा को मानवीय मूल्यों से जोड़कर विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास और चरित्र निर्माण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तीन दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम में शिक्षा को केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनाने का आधार बताया गया।
उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि कुलपति डॉ. नरपिंदर सिंह ने कहा कि जीवन में सफलता प्राप्त करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उससे भी अधिक आवश्यक है कि व्यक्ति में नैतिक और मानवीय मूल्य विकसित हों। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल आजीविका कमाने की क्षमता विकसित करना नहीं, बल्कि जीवन को सही दिशा देना और समाज के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराना भी है। कार्यक्रम में एआईसीटीई के रिसोर्स पर्सन डॉ. हिमांशु कुमार राय ने कहा कि शिक्षा में मानवीय मूल्यों का समावेश ही व्यक्ति को संवेदनशील, जिम्मेदार और जागरूक नागरिक बनाता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक शिक्षा वही है, जो व्यक्ति के विचार, व्यवहार और चरित्र में सकारात्मक परिवर्तन लाए तथा समाज के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को मजबूत करे। यह तीन दिवसीय एफडीपी ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के यूनिवर्सल ह्यूमन वैल्यूज़ (यूएचवी) सेल और एआईसीटीई के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों को शिक्षा में मानवीय मूल्यों के समावेश और विद्यार्थियों के समग्र विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इस अवसर पर प्रो. वीसी डॉ. संतोष एस. सर्राफ, कुलसचिव डॉ. नरेश कुमार शर्मा, यूएचवी सेल की यूनिवर्सिटी समन्वयक डॉ. रिचा थपलियाल, एआईसीटीई से डॉ. प्रियंका राय, कुंवर दीप नारायण, डॉ. चंद्र किशोर, डॉ. अनुराग कश्यप, डॉ. दिव्या वेणुगोपाल, डी.पी. सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।