ताई तुगुंग को मिला ‘नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान’, सीएम धामी बोले- पहाड़ की धड़कन हैं नेगी के गीत

– एसबीपीएस में धूमधाम से मनाया गया गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी का जन्मदिन

– अरुणाचल की संस्कृति के संरक्षण में योगदान को मिला सम्मान

देहरादून। लोकसंस्कृति, भाषा और हिमालयी परंपराओं के संरक्षण को समर्पित गढ़रत्न नरेंद्र सिंह नेगी का जन्मदिन बुधवार को सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल (एसबीपीएस) में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित समारोह में अरुणाचल प्रदेश के प्रख्यात रंगकर्मी, फिल्म अभिनेता एवं भाषाविद् ताई तुगुंग को तीसरा ‘नरेंद्र सिंह नेगी संस्कृति सम्मान’ प्रदान किया गया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने ताई तुगुंग को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र और ₹2.51 लाख की सम्मान राशि प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके गीत केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं हैं, बल्कि पहाड़ की संस्कृति, समाज और जनभावनाओं का जीवंत दस्तावेज हैं। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी के गीत पर्वतीय समाज के दिल की धड़कन बन चुके हैं। सीएम धामी ने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी के नाम से दिया जाने वाला यह सम्मान अब हिमालयी राज्यों में संस्कृति और लोक परंपराओं के संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि नेगी ने अपने गीतों के माध्यम से पर्वतीय समाज की समस्याओं, संघर्षों, खुशियों और आकांक्षाओं को आवाज दी है।

सम्मानित ताई तुगुंग ने उत्तराखंड के लोक समाज और आयोजकों का आभार जताते हुए कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी जैसे महान लोक कलाकार के नाम पर सम्मान मिलना उनके लिए गौरव के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने हिमालयी राज्यों की भाषाओं, लोक संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण के लिए आपसी संवाद और सांस्कृतिक आदान-प्रदान को मजबूत करने पर जोर दिया। नरेंद्र सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री धामी और आयोजकों का आभार व्यक्त करते हुए ताई तुगुंग को सम्मान मिलने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस सम्मान के माध्यम से उत्तराखंड के लोगों को अरुणाचल प्रदेश की समृद्ध संस्कृति और सभ्यता को करीब से जानने का अवसर मिला है। उन्होंने हिमालयी राज्यों के बीच सांस्कृतिक संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता बताई।

समारोह की अध्यक्षता बलूनी ग्रुप के चेयरमैन डॉ. नवीन बलूनी ने की। उन्होंने कहा कि नरेंद्र सिंह नेगी जैसे गीतकार सदियों में पैदा होते हैं। उनकी आवाज और रचनाएं उत्तराखंड के लोगों के लिए पहाड़ की आत्मा की तरह हैं। कार्यक्रम के दौरान उत्कर्ष भट्ट द्वारा लिखित नरेंद्र सिंह नेगी के चुनिंदा गीतों के अंग्रेजी अनुवाद की पुस्तक ‘Mountain Melodies of Narendra Singh Negi’ का भी लोकार्पण किया गया। समारोह में दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. डॉ. सुरेखा डंगवाल, इंद्रजीत सिंह नेगी, शिक्षाविद शिव प्रसाद सेमवाल, समाजसेवी दिग्मोहन नेगी सहित साहित्य, संस्कृति और शिक्षा जगत से जुड़े अनेक लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम का संचालन गणेश खुशाल ‘गणी’ ने किया। इस दौरान बलूनी ग्रुप के एमडी विपिन बलूनी, प्रधानाचार्य पंकज नौटियाल, साहित्यकार बीना बेंजवाल, नंदकिशोर हटवाल, मदन डुकलान, पत्रकार दिनेश शास्त्री, मनोज इस्टवाल, विवेक नौटियाल, कविलास नेगी और सोहन चौहान समेत अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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