देहरादून। पेपर लीक मामलों की जांच, विभिन्न विभागों में रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू करने और युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर मंगलवार को उत्तराखंड बेरोजगार संघ ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। बड़ी संख्या में बेरोजगार युवाओं ने परेड ग्राउंड से सचिवालय तक कूच किया। सचिवालय पहुंचने से पहले पुलिस द्वारा लगाए गए बैरिकेडिंग पर प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की और तीखी नोकझोंक हुई।
मंगलवार को उत्तराखंड बेरोजगार संघ के आह्वान पर प्रदेशभर से पहुंचे युवा परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। यहां से युवाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सचिवालय कूच शुरू किया। प्रदर्शनकारियों का जुलूस तिब्बती मार्केट, लैंसडाउन चौक और कनक चौक होते हुए सचिवालय की ओर बढ़ा। सचिवालय से पहले पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया। इस दौरान कुछ युवाओं ने बैरिकेडिंग पार करने का प्रयास किया, जिसके बाद पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच नोकझोंक हो गई। कई युवा बैरिकेडिंग पर चढ़ गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने उन्हें समझाने का प्रयास किया। बाद में प्रदर्शनकारी सड़क पर धरने पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
उत्तराखंड बेरोजगार संघ के अध्यक्ष राम कंडवाल ने कहा कि प्रदेश सरकार खुद विभिन्न विभागों में करीब 60 हजार पद रिक्त होने की बात कह चुकी है, लेकिन इन पदों पर भर्ती के लिए विज्ञप्तियां जारी नहीं की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद भी पेपर लीक और अन्य अनियमितताओं के कारण युवाओं का भरोसा टूट रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के लाखों युवा वर्षों से सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन भर्ती प्रक्रिया में देरी और विवादों के चलते उनका भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने सरकार से सभी रिक्त पदों पर जल्द विज्ञप्ति जारी करने, लंबित भर्तियों को पूरा करने और पेपर लीक मामलों में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। बेरोजगार संघ ने चेतावनी दी कि यदि सरकार जल्द युवाओं की मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्तर पर तेज किया जाएगा। प्रदर्शन को देखते हुए सचिवालय और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई।