‘विधि के क्षेत्र में सफलता और कमाई की कोई सीमा नहीं’, लॉ छात्रों ने सीखे सफलता के गुर 

देहरादून। ‘‘विधि व्यवसाय में सफलता, करियर ग्रोथ और कमाई की कोई तय सीमा नहीं है। मेहनत, बुद्धिमत्ता और लगन के साथ काम करेंगे तो ऊंचाइयां भी तय नहीं होंगी।’’ इलाहाबाद हाईकोर्ट के पूर्व न्यायमूर्ति रविन्द्र सिंह ने शनिवार को उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज देहरादून में छात्रों को करियर का यह मंत्र दिया। उन्होंने कहा कि विधि-विद्वानों के नियमित व्याख्यान छात्रों को किताबों से आगे व्यावहारिक न्याय व्यवस्था समझने का अवसर देते हैं।

उत्तरांचल विश्वविद्यालय के लॉ कॉलेज देहरादून की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने पर रजत जयंती लॉ लेक्चर सीरीज का शुभारंभ किया गया। स्वामी विवेकानंद ऑडिटोरियम में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम में 800 से अधिक विधि छात्रों ने भाग लिया। सीरीज के पहले व्याख्यान का विषय ‘आपराधिक विधिशास्त्र एवं संवैधानिक नैतिकता’ रहा जिसमें पूर्व न्यायमूर्ति रविन्द्र सिंह ने संवैधानिक नैतिकता के संदर्भ में आपराधिक विधिशास्त्र को समझाते हुए किसी आपराधिक मामले की FIR दर्ज होने से लेकर ट्रायल और अंतिम निर्णय तक की प्रक्रिया को सरल तरीके से विद्यार्थियों के सामने रखा। उन्होंने छात्रों को आपराधिक मामलों की पैरवी के साथ न्यायिक अधिकारी बनने की तैयारी के संबंध में भी महत्वपूर्ण सुझाव दिए। न्यायमूर्ति रविन्द्र सिंह के कार्यकाल में आपराधिक मामलों के त्वरित निस्तारण का विशेष उल्लेख किया गया। कार्यक्रम में बताया गया कि उन्होंने अपने कार्यकाल में एक लाख से अधिक आपराधिक मामलों का निस्तारण किया, जबकि एक वर्ष में 30 हजार से अधिक मामलों के निस्तारण का भी रिकॉर्ड उनके नाम रहा।

‘संवैधानिक नैतिकता आज बेहद प्रासंगिक’

विश्वविद्यालय अध्यक्ष जितेन्द्र जोशी ने न्यायमूर्ति रविन्द्र सिंह का स्वागत करते हुए कहा कि भौतिकतावाद के दौर में संवैधानिक नैतिकता की प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है। उन्होंने विद्यार्थियों से न्यायमूर्ति के अनुभवों और विचारों को आत्मसात करने का आह्वान किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. धर्मबुद्धि, उपकुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा और लॉ कॉलेज की प्राचार्य प्रो. पूनम रावत ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने विश्वविद्यालय के रजत जयंती वर्ष पर छात्रों, शिक्षकों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम का संचालन लॉ कॉलेज की मूट कोर्ट सोसाइटी के विद्यार्थियों ने किया। इस दौरान विभागाध्यक्ष प्रो. राधेश्याम झा, डॉ. ऐश्वर्य सिंह, डॉ. अभिरंजन दीक्षित, अमित चौधरी, नंदनी मजूमदार, अशोक डोभाल समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

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