देहरादून। गणितीय मॉडलिंग, आधुनिक तकनीकों में गणित की उपयोगिता और प्रबंधन की वैज्ञानिक पद्धतियों पर चर्चा के लिए ग्राफिक एरा हिल यूनिवर्सिटी में दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शुरू हो गया। सम्मेलन में देश-विदेश के वैज्ञानिक, विशेषज्ञ और शोधकर्ता गणित, इंजीनियरिंग और प्रबंधन के क्षेत्र में हो रहे नए शोध और तकनीकी नवाचारों पर विचार साझा कर रहे हैं।
आईसीएमईएमएस-2026 के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तबस्सुम नकवी ने कहा कि गणित, इंजीनियरिंग और प्रबंधन विज्ञान आधुनिक तकनीक एवं नवाचार की आधारशिला हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डेटा साइंस और वैज्ञानिक अनुसंधान जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में इनकी भूमिका लगातार महत्वपूर्ण होती जा रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन शोधकर्ताओं को अपने विचार साझा करने, नए शोध की संभावनाएं तलाशने और वैश्विक स्तर पर आपसी सहयोग बढ़ाने का अवसर देते हैं। सम्मेलन में जापान, ग्रीस और तुर्की सहित भारत के विभिन्न राज्यों के विशेषज्ञ एवं शोधकर्ता ऑनलाइन माध्यम से भी प्रतिभाग कर रहे हैं। इसमें सॉफ्टवेयर की विश्वसनीयता का गणितीय आकलन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप लर्निंग के माध्यम से सॉफ्टवेयर की कार्यक्षमता का पूर्वानुमान, जटिल प्रणालियों की सुरक्षा, सर्कुलर इकोनॉमी और टिकाऊ सप्लाई चेन प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जा रही है। इस दौरान शोध पत्र भी प्रस्तुत किए जाएंगे।
सम्मेलन का आयोजन विश्वविद्यालय के गणित विभाग की ओर से किया जा रहा है। कार्यक्रम में कुलसचिव डॉ. ज्योति छाबड़ा, गणित विभागाध्यक्ष डॉ. रॉबिन, डॉ. अक्षय कुमार, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. अनूप नेगी, डॉ. शिवानी सुंदरियाल और डॉ. चंदन सिंह सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।