देहरादून। जिज्ञासा विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में आयोजित तीन दिवसीय क्राफ्ट कार्यशाला का समापन ‘क्रॉफ्टोपिया’ कला एवं शिल्प प्रदर्शनी के साथ हुआ। प्रदर्शनी में विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मक प्रतिभा, हुनर और उद्यमशीलता का शानदार प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों की ओर से तैयार हस्तनिर्मित दीये, सजावटी वस्तुएं और आकर्षक कलाकृतियां प्रदर्शनी का मुख्य आकर्षण रहीं।
खास बात यह रही कि विद्यार्थियों ने केवल अपनी कलाकृतियों का प्रदर्शन ही नहीं किया, बल्कि उनके विपणन और बिक्री के लिए विभिन्न स्टॉल भी लगाए। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को रचनात्मकता के साथ स्वरोजगार और उद्यमिता के लिए प्रेरित करना तथा केंद्र सरकार के ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘वोकल फॉर लोकल’ अभियान को बढ़ावा देना था। प्रदर्शनी का विश्वविद्यालय के प्रो-वाइस चांसलर, रजिस्ट्रार और विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों ने अवलोकन किया। उन्होंने विद्यार्थियों के हुनर की सराहना करते हुए उनके बनाए उत्पादों की खरीदारी भी की और उनका उत्साह बढ़ाया। वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से आगे बढ़कर व्यावहारिक अनुभव प्रदान करते हैं। इससे उनमें उत्पाद निर्माण, विपणन, आर्थिक प्रबंधन और स्वरोजगार की समझ विकसित होती है। प्रदर्शनी में विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की।