जॉन डियर ने एक साल में बेचे एक लाख से अधिक ट्रैक्टर, भारतीय किसानों का भरोसा बना ताकत

देहरादून। भारतीय कृषि बाजार में ट्रैक्टरों की बढ़ती मांग और खेती में मशीनीकरण के विस्तार के बीच जॉन डियर इंडिया ने बड़ी उपलब्धि हासिल की है। कंपनी ने एक वित्त वर्ष में भारत में एक लाख से अधिक ट्रैक्टरों की बिक्री का आंकड़ा पार कर लिया है। यह उपलब्धि न केवल कंपनी के कारोबार के विस्तार को दर्शाती है, बल्कि भारतीय किसानों के बीच आधुनिक कृषि तकनीक और उन्नत मशीनों की बढ़ती स्वीकार्यता का भी संकेत है।

कंपनी के मुताबिक, इस उपलब्धि के पीछे किसानों का भरोसा, मजबूत डीलर नेटवर्क और बेहतर ग्राहक सेवा की अहम भूमिका रही है। अलग-अलग फसलों, खेती के तौर-तरीकों और भौगोलिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर तैयार किए गए ट्रैक्टरों और कृषि समाधानों ने कंपनी को भारतीय बाजार में अपनी स्थिति मजबूत करने में मदद की है।
जॉन डियर इंडिया के प्रबंध निदेशक एवं कंट्री मैनेजर राजेश सिन्हा ने कहा कि एक वित्त वर्ष में एक लाख से अधिक ट्रैक्टरों की बिक्री केवल व्यावसायिक उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय किसानों और डीलर साझेदारों के विश्वास का प्रमाण है। कंपनी का प्रयास किसानों को भरोसेमंद मशीनें, आधुनिक तकनीक और ऐसे समाधान उपलब्ध कराना है, जिनसे खेती की उत्पादकता, मुनाफे और कार्यक्षमता में वृद्धि हो सके।

उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में बदलती जरूरतों के अनुरूप कंपनी लगातार नए समाधान विकसित कर रही है। इसका उद्देश्य किसानों को कम समय और बेहतर संसाधनों के साथ अधिक उत्पादन करने में मदद देना है।
भारत में 28 वर्ष से अधिक समय से सक्रिय जॉन डियर का कारोबार अब वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। कंपनी पुणे और मध्य प्रदेश के देवास में ट्रैक्टर निर्माण संयंत्र संचालित कर रही है। इसके अलावा पुणे में अभियांत्रिकी और तकनीकी सुविधाएं, जबकि नागपुर और इंदौर में कलपुर्जा वितरण केंद्र स्थापित हैं। कंपनी भारत से 110 से अधिक देशों में अपने उत्पादों का निर्यात भी करती है।

एक लाख ट्रैक्टरों की बिक्री का यह मुकाम कंपनी के कर्मचारियों, डीलरों, आपूर्तिकर्ताओं और कारोबारी साझेदारों के सामूहिक प्रयासों का परिणाम माना जा रहा है। कंपनी अब कृषि मशीनीकरण के विस्तार के साथ टिकाऊ खेती को बढ़ावा देने पर भी जोर दे रही है।

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