– लखनऊ में नवविहान संस्था ने किया सम्मानित
लखनऊ। शिक्षा के क्षेत्र में साक्षरता से लेकर उच्च शिक्षा तक उल्लेखनीय कार्य करने वाली नवविहान संस्था ने रविवार को लखनऊ में 14 विभूतियों को चाणक्य सम्मान से सम्मानित किया। सहकारिता भवन में आयोजित समारोह में शिक्षा जगत में उल्लेखनीय योगदान देने वालों को सम्मानित करते हुए वक्ताओं ने आचार्य चाणक्य के बहुआयामी व्यक्तित्व, उनकी नीतियों और राष्ट्र निर्माण में उनके योगदान को याद किया। पांच राज्यों में कार्य विस्तार के बाद संस्था ने उत्तर प्रदेश में अपनी गतिविधियों का विस्तार करते हुए यह आयोजन किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैंसर अस्पताल के निदेशक प्रो. डॉ. एमबी भट्ट ने कहा कि आचार्य चाणक्य अर्थशास्त्र, राजनीति, सामाजिक चिंतन, रणनीति और गुरु के रूप में विशिष्ट स्थान रखते थे। उनका व्यक्तित्व हर क्षेत्र में दक्षता और दूरदर्शिता का उदाहरण है। उनके विचार आज भी समाज और राष्ट्र के लिए प्रासंगिक हैं। प्रख्यात शिक्षाविद प्रो. अमरीक सिंह ने कहा कि चाणक्य को समझने के लिए उनके विचारों और जीवन दर्शन की गहराई में उतरना होगा। केवल कुछ पुस्तकें पढ़कर उनके व्यक्तित्व को पूरी तरह नहीं समझा जा सकता। उन्होंने कहा कि भारत की गौरवशाली परंपरा और राष्ट्र निर्माण में चाणक्य के योगदान को भुलाया नहीं जा सकता।
न्यायमूर्ति एसएस उपाध्याय ने कहा कि चाणक्य सम्मान से जुड़ी विभूतियों को सम्मानित करने का अवसर उनके लिए गौरव का विषय है। उन्होंने कहा कि आचार्य चाणक्य के नाम से जुड़ा यह सम्मान अपने आप में विशेष महत्व रखता है। इस अवसर पर न्यायमूर्ति शिवेंद्र मिश्र और विधान परिषद सदस्य अवनीश सिंह ने भी चाणक्य के विचारों और योगदान पर प्रकाश डाला।
14 विभूतियां सम्मानित
समारोह में वंदना राय, डॉ. शिखा श्रीवास्तव, डॉ. पीयूष श्रीवास्तव, डॉ. सुधांशु सिन्हा, सुधीर आर्या, नवनीत सिंह, डॉ. दीपक श्रीवास्तव, आनंद कृष्ण मिश्र, रेनू अग्निहोत्री, प्रो. डॉ. दुर्गेश मणि त्रिपाठी, प्रिया रघुवंशी, विनीत सक्सेना, शुभम जगदीश और डॉ. जीके श्रीवास्तव को चाणक्य सम्मान प्रदान किया गया।
संस्था की अध्यक्ष डॉ. ज्योति श्रीवास्तव ने अतिथियों का शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन दिलीप यशवर्धन ने किया। आयोजन को सफल बनाने में एडवोकेट ज्योत्स्ना श्रीवास्तव, रूपाली श्रीवास्तव, प्रमोद श्रीवास्तव, रोशन श्रीवास्तव, राकेश श्रीवास्तव, वंदना श्रीवास्तव और शशांक श्रीवास्तव ने सहयोग दिया।