NEET UG में फर्जीवाड़े का बड़ा खुलासा: 45 लाख में MBBS दाखिले का खेल

– देहरादून पुलिस की SIT ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार

– कंसल्टेंसी संचालक समेत नेटवर्क की गहन जांच जारी

देहरादून। NEET UG में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर MBBS में दाखिला दिलाने के कथित मामले में देहरादून पुलिस की SIT ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित कोटे का लाभ दिलाने के लिए कूटरचित दस्तावेज और फर्जी प्रमाणपत्र तैयार करवाकर तीन अभ्यर्थियों का MBBS में प्रवेश कराया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण-1 जया बलोनी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (SIT) गठित किया था। SIT ने जांच के दौरान संबंधित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों और शिक्षण संस्थानों से जुड़े रिकॉर्ड को कब्जे में लेकर उनका परीक्षण किया। जांच में दस्तावेजों में दर्ज पते गलत पाए जाने के बाद अभ्यर्थियों के वास्तविक पते और अन्य जानकारियां सामने आईं।

45 लाख रुपये में दाखिले का कथित सौदा

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी रूपेश पंडित पिछले करीब पांच वर्षों से एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम कर रहा था और मेरठ में ‘MECODO पाठशाला’ नाम से कंपनी संचालित करता था। पुलिस का दावा है कि वह निजी विश्वविद्यालयों और विदेशों में MBBS समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों में कमीशन के आधार पर दाखिले दिलाने का काम करता था। जांच में सामने आए तथ्यों के अनुसार अरविन्द कुमार ने अपनी पुत्री के MBBS दाखिले के लिए रूपेश से संपर्क किया था। इसके बाद दो अन्य परिचितों के बच्चों के दाखिले की बात भी हुई। पुलिस के मुताबिक रूपेश और उसके साथियों ने तीनों अभ्यर्थियों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानी कोटे से MBBS में दाखिला दिलाने के एवज में प्रत्येक अभ्यर्थी के लिए 45 लाख रुपये लेने की बात कही। पुलिस के अनुसार तीनों अभ्यर्थियों के परिजनों से 20-20 लाख रुपये अग्रिम लिए गए थे। शेष रकम दाखिला और कक्षाएं शुरू होने के बाद देने की बात तय हुई थी।

फर्जी प्रमाणपत्रों के आधार पर दाखिले का आरोप

SIT की जांच के अनुसार रूपेश और उसके साथियों ने तीनों अभ्यर्थियों के लिए कूटरचित दस्तावेज तैयार करवाकर कथित तौर पर फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाणपत्र बनवाए। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर अलग-अलग मेडिकल कॉलेजों में MBBS में प्रवेश दिलाए जाने का आरोप है।इस मामले में थाना रायपुर और थाना क्लेमेंटाउन में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर SIT ने रूपेश पंडित और अरविन्द कुमार को पूछताछ के लिए थाना रायपुर बुलाया, जहां आवश्यक पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के मुताबिक मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। SIT ने प्रकरण से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर मामले में शामिल अन्य आरोपियों के विरुद्ध भी कार्रवाई की जाएगी।

गिरफ्तार आरोपी:

  • रूपेश पंडित, निवासी पूर्णिया, बिहार; वर्तमान में मेरठ, उत्तर प्रदेश। उम्र करीब 30 वर्ष।
  • अरविन्द कुमार, निवासी बहादरपुर खादर, थाना लक्सर, हरिद्वार।

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