रुद्रप्रयाग। तिलवाड़ा क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से तीन महिलाएं बीच धारा में बने टापू पर फंस गईं। सूचना मिलते ही राज्य आपदा प्रतिवादन बल (SDRF) की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर सभी महिलाओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
जानकारी के अनुसार, तीनों महिलाएं नदी पार कर लकड़ियां एकत्रित करने गई थीं। इसी दौरान पहाड़ी क्षेत्र में पानी बढ़ने से नदी का बहाव तेज हो गया और लौटने का रास्ता बंद हो गया। महिलाएं बीच नदी में बने टापू पर फंस गईं और खुद बाहर निकलने में असमर्थ थीं। सूचना मिलने पर अगस्त्यमुनि स्थित एसडीआरएफ पोस्ट से अपर उपनिरीक्षक हरीश बंगारी के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर टीम ने हालात का आकलन किया और सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए बचाव अभियान शुरू किया। तेज बहाव और चुनौतीपूर्ण हालात के बीच एसडीआरएफ के एक जवान ने सुरक्षा रस्सियों और अन्य रेस्क्यू उपकरणों की मदद से नदी पार कर महिलाओं तक पहुंच बनाई। इसके बाद पूरी टीम ने सुनियोजित तरीके से तीनों महिलाओं को एक-एक कर सुरक्षित नदी पार कराकर किनारे पहुंचाया। रेस्क्यू की गई महिलाओं की पहचान तिलवाड़ा निवासी रवीना देवी (25 वर्ष), गीता देवी (36 वर्ष) और पिंकी देवी (40 वर्ष) के रूप में हुई है। सुरक्षित रेस्क्यू के बाद महिलाओं और उनके परिजनों ने एसडीआरएफ टीम का आभार जताया। एसडीआरएफ ने लोगों से अपील की है कि मानसून के दौरान नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है। ऐसे में बिना आवश्यकता नदी पार करने या जलधाराओं के आसपास जाने से बचें और किसी भी आपात स्थिति में तुरंत प्रशासन या एसडीआरएफ को सूचना दें।
