– सांस्कृतिक संध्या और खेल प्रतियोगिताओं ने बांधा समां
देहरादून। जिज्ञासा यूनिवर्सिटी, देहरादून में नवप्रवेशित विद्यार्थियों के विश्वविद्यालयी जीवन की शुरुआत को यादगार बनाने के लिए आयोजित पांच दिवसीय ओरिएंटेशन वीक-2026 का शुक्रवार को समापन हो गया। सात से 11 सितंबर तक चले कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अकादमिक व्यवस्था और कैंपस संस्कृति से परिचित कराने के साथ कृत्रिम बुद्धिमत्ता, कौशल विकास, रचनात्मक गतिविधियों और खेलों से भी जोड़ा गया।
ओरिएंटेशन वीक में लिबरल आर्ट्स, मनोविज्ञान, प्रबंधन, बीटेक, बीसीए, बीफार्मा और होटल मैनेजमेंट समेत विभिन्न पाठ्यक्रमों के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। इसके बाद विभागीय परिचय और विद्यार्थियों के बीच संवाद एवं परिचय बढ़ाने वाली गतिविधियां आयोजित की गईं।
एआई और आधुनिक तकनीक की दी जानकारी
कार्यक्रम के दूसरे दिन विद्यार्थियों को आईबीएम स्किल्सबिल्ड एआई प्रशिक्षण के माध्यम से कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, एआई नैतिकता, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग और एआई आधारित बायोडाटा तैयार करने की जानकारी दी गई। विद्यार्थियों को जेमिनी, क्लॉड और कोपायलट जैसे आधुनिक एआई उपकरणों के उपयोग से भी परिचित कराया गया। बीटेक कंप्यूटर साइंस एवं बीसीए के विद्यार्थियों के लिए विशेष आईबीएम गाइडेड लर्निंग कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें बड़े भाषा मॉडल, एआई आधारित कोडिंग, आईबीएम क्लाउड, ग्रेनाइट प्रॉम्प्ट लैब और प्रमाणन से जुड़ी गतिविधियां शामिल रहीं।
संस्कृति से खेल तक दिखा उत्साह
चौथे दिन ‘अनलीश द वाइब-26’ सांस्कृतिक आयोजन में ट्री ऑफ ग्रैटिट्यूड, अंताक्षरी, ओपन माइक, जामिंग, डंब चाराड्स और कैंपस टैलेंट शो ने विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को मंच दिया। अंतिम दिन खेल दिवस में शतरंज, कैरम, टेबल टेनिस, बैडमिंटन और बास्केटबॉल प्रतियोगिताएं हुईं। इसके बाद ‘इग्नाइट-2026’ के साथ आयोजन का समापन हुआ।
विश्वविद्यालय के अध्यक्ष प्रो. डॉ. इरफान खान ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। प्रो-वाइस चांसलर प्रो. डॉ. संदीप कौशिक और रजिस्ट्रार प्रो. डॉ. जसनदीप ने आयोजन की सफलता पर डीन, विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, कर्मचारियों और छात्र स्वयंसेवकों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों में व्यक्तित्व विकास, रचनात्मकता और टीम भावना को बढ़ावा देते हैं।
आयोजन के सफल संचालन में निदेशक प्रवेश मनोज कुमार, डीन एसएलए डॉ. मीनाक्षी वर्मा और फैकल्टी ऑफ एजुकेशन की डॉ. अलका ने समन्वयक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।