देहरादून। सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल (एसबीपीएस) में नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के सहयोग से आयोजित 30 दिवसीय बाल रंगमंच कार्यशाला का रविवार को रंगारंग समापन हुआ। एक माह तक चली इस कार्यशाला में देहरादून के विभिन्न विद्यालयों के 8 से 16 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान बच्चों को अभिनय, संवाद अदायगी, मंच संचालन और रंगमंच की विभिन्न विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया।

समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में कर्नल राकेश कुकरेती (सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट कर्नल), शौर्य चक्र सम्मानित युद्ध वीर एवं एनसीसी कैडेट्स की गणतंत्र दिवस परेड के चीफ ट्रेनिंग ऑफिसर तथा उनकी पत्नी श्रीमती ईरा कुकरेती उपस्थित रहीं। कर्नल कुकरेती वर्तमान में कर्नल रॉक्स स्कूल, देहरादून के प्राचार्य/निदेशक हैं, जबकि श्रीमती ईरा कुकरेती समाजसेवी, लेखिका और शिक्षाविद् के रूप में सक्रिय हैं। उन्होंने अपनी पुस्तक ‘कहानी 1971 युद्ध की’ के माध्यम से देश के वीर जवानों के अदम्य साहस और बलिदान को समाज तक पहुंचाने का कार्य किया है। कार्यक्रम में बच्चों ने शानदार नाट्य प्रस्तुतियां दीं, जिन्हें अतिथियों और दर्शकों ने खूब सराहा। मुख्य अतिथियों ने कहा कि रंगमंच बच्चों के व्यक्तित्व विकास का सशक्त माध्यम है। इससे बच्चों में आत्मविश्वास, रचनात्मक सोच, एकाग्रता और संवाद कौशल का विकास होता है।
बलूनी ग्रुप के एमडी श्री विपिन बलूनी ने कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों को मोबाइल और डिजिटल दुनिया की अधिक निर्भरता से दूर कर रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रयास बच्चों में सामाजिक समझ और आत्मविश्वास को मजबूत करते हैं। प्रधानाचार्य पंकज नौटियाल ने बताया कि स्कूल प्रबंधन की ओर से कार्यशाला के सफल आयोजन के लिए सभी आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया गया। उन्होंने कहा कि इस तरह के रचनात्मक मंच बच्चों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यशाला का निर्देशन देहरादून की प्रसिद्ध रंग संस्था ड्रामा डेरा के संस्थापक एवं वरिष्ठ रंगकर्मी शुबा सुभाष रावत ने किया। सह-निर्देशक सोमाली बिष्ट ने बताया कि पूरे प्रशिक्षण के दौरान बच्चों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिले। कई प्रतिभागियों ने अनुभव साझा करते हुए कहा कि कार्यशाला से उनका आत्मविश्वास बढ़ा और मंच पर अपनी बात रखने की क्षमता विकसित हुई। समापन अवसर पर मुख्य अतिथियों ने सभी प्रतिभागी बच्चों को प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और रंगकर्म से जुड़े लोग मौजूद रहे।
