देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के विधि संकाय लॉ कॉलेज देहरादून एवं स्कूल ऑफ एप्लाइड एंड लाइफ साइंसेज में गुरुवार को नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत के लिए भव्य दीक्षारंभ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देश के 21 राज्यों से आए 500 से अधिक नए छात्रों का पारंपरिक एवं सांस्कृतिक अंदाज में स्वागत किया गया। समारोह में छात्रों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परंपराओं, व्यावसायिक मूल्यों और भविष्य के अवसरों से भी परिचित कराया गया।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि विश्वविद्यालय की उपाध्यक्षा अंकिता जोशी और विशिष्ट अतिथि कुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा रहे। इस अवसर पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने समारोह को आकर्षक बनाया, वहीं नए विद्यार्थियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला। उपाध्यक्षा अंकिता जोशी ने कहा कि आज विश्वविद्यालय केवल डिग्री देने वाले संस्थान नहीं, बल्कि समाज की चुनौतियों का समाधान तैयार करने वाले केंद्र बन चुके हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से पढ़ाई के साथ-साथ इंटर्नशिप, कौशल विकास और व्यक्तित्व निखारने पर भी ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश के 21 राज्यों से छात्रों का लॉ कॉलेज देहरादून को चुनना संस्थान की गुणवत्ता और शिक्षकों की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
कुलपति प्रो. राजेश बहुगुणा ने कहा कि बदलते समय में तकनीक ने कानूनी शिक्षा को नई दिशा दी है। साइबर लॉ, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और अंतरराष्ट्रीय न्यायशास्त्र जैसे क्षेत्रों में व्यापक संभावनाएं हैं। उन्होंने छात्रों से नवीनतम तकनीकी ज्ञान के साथ न्याय के मानवीय मूल्यों को भी प्राथमिकता देने की अपील की।स्कूल ऑफ एप्लाइड एंड लाइफ साइंसेज के निदेशक प्रो. अजय सिंह ने कहा कि नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को रोजगारपरक और शोध आधारित शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वविद्यालय में उपलब्ध शोध सुविधाओं का अधिकतम लाभ उठाने की सलाह दी। लॉ कॉलेज देहरादून की प्राचार्य प्रो. पूनम रावत ने विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा के साथ जिम्मेदारियां भी बढ़ती हैं। उन्होंने विधि शिक्षा को समाज में न्याय और संवैधानिक मूल्यों की स्थापना का प्रभावी माध्यम बताते हुए छात्रों से अनुशासन, समर्पण और उत्कृष्टता के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।विश्वविद्यालय के अनुसार इस वर्ष लॉ कॉलेज देहरादून में अरुणाचल प्रदेश, बिहार, चंडीगढ़, छत्तीसगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, झारखंड, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, नागालैंड, पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल सहित 21 राज्यों से 500 से अधिक विद्यार्थियों ने प्रवेश लिया है।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष प्रो. राधेश्याम झा, प्रो. वी. भुवनेश्वरी, प्रो. वी.के. श्रीवास्तव, प्रो. विशेष शर्मा, डॉ. प्रितेश व्यास, डॉ. इंद्रा, डॉ. अभिरंजन दीक्षित, अमित कुमार, डॉ. प्रेरणा कैन्थोला, जगत नारायण, डॉ. ऐश्वर्या सिंह, नंदनी मजुमदार, नावेद मिर्जा और नाव्या रघुनाथन सहित बड़ी संख्या में शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
