देहरादून। ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आयोजित ग्लोबल विलेज कार्यक्रम में नए छात्रों को दुनिया भर की संस्कृतियों, परंपराओं और अंतरराष्ट्रीय अवसरों से परिचित कराया गया। कार्यक्रम में 32 देशों के छात्रों ने अपनी संस्कृति, खानपान और परंपराओं की शानदार प्रस्तुति देकर वैश्विक एकता का संदेश दिया।
बीटेक के नए बैच के छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में यूनिवर्सिटी की वैश्विक साझेदारियों और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी गई। डीन ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स डॉ. डीआर गंगोडकर ने कहा कि ग्राफिक एरा के छात्रों के लिए जर्मनी, इटली, अमेरिका और यूनाइटेड किंगडम समेत कई देशों में अंतरराष्ट्रीय इंटर्नशिप, इंडस्ट्री प्रोजेक्ट, समर-विंटर अकादमिक प्रोग्राम और वैश्विक नेटवर्किंग के अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे अनुभव छात्रों को वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करते हैं।कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने विशेष आकर्षण बटोरा। भारतीय और विदेशी छात्रों ने अपने-अपने देशों की लोक संस्कृति, संगीत और परंपराओं पर आधारित कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसके साथ ही आयोजित इंटरनेशनल फूड फेस्ट में 32 देशों के पारंपरिक व्यंजनों की प्रदर्शनी लगाई गई। नए छात्रों ने म्यांमार, रूस, तुर्की, रवांडा, लेसोथो, जिम्बाब्वे, युगांडा, तंजानिया और दक्षिण सूडान समेत कई देशों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लिया और वहां की संस्कृति को करीब से जाना। कार्यक्रम ने छात्रों को अलग-अलग देशों की जीवनशैली और सांस्कृतिक विविधता को समझने का अवसर प्रदान किया। ग्लोबल विलेज का आयोजन यूनिवर्सिटी के ऑफिस ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स और एआईईएसईसी के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में म्यांमार के थांग कोप सांग और सॉ था क्लेर तॉ, दक्षिण सूडान की समा नूमे जूमे मॉरिस व जेम्स कियाम, लाइबेरिया के सैम डिएगो कुमार, रवांडा के केविन तथा नेपाल के सरगम और पीयूष राणा सहित विभिन्न देशों के छात्र शामिल हुए।
