स्वयंसेवियों ने दिया स्वच्छता व सामाजिक जागरूकता का संदेश

– डीबीएस पीजी कॉलेज के एनएसएस विशेष शिविर का पांचवां दिन सम्पन्न

देहरादून। डीबीएस पीजी कॉलेज की एनएसएस इकाई 19 एवं 20 के सात दिवसीय विशेष शिविर का पांचवां दिन उत्साह, अनुशासन और ज्ञानवर्धक गतिविधियों के साथ सम्पन्न हुआ। दिन की शुरुआत स्वयंसेविकाओं द्वारा प्रभात फेरी निकालकर की गई। प्रभात फेरी के माध्यम से स्वयंसेविकाओं ने आसपास के क्षेत्र में स्वच्छता और सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। इसके पश्चात स्वयंसेविकाओं ने ड्रिल कर शारीरिक व्यायाम और अनुशासन का अभ्यास किया।

प्रातःकालीन शैक्षिक सत्र में डीबीएस महाविद्यालय के पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. ए.के. बियानी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शीतल कनोजिया एवं डॉ. बरखा कमल ने उनका स्वागत करते हुए उन्हें स्मृति चिन्ह भेंट किया। अपने संबोधन में डॉ. बियानी ने स्वयंसेविकाओं को सृष्टि के सृजन और जीवन की उत्पत्ति के विषय में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सृष्टि में जीवों का सृजन किस प्रकार हुआ और वैदिक ग्रंथों में इस विषय का किस प्रकार उल्लेख मिलता है। उन्होंने ऋग्वेद के संदर्भों के माध्यम से जीवन के दर्शन, प्रकृति और मानव के संबंधों को सरल ढंग से समझाया। उनके विचारों को स्वयंसेविकाओं ने बड़े ध्यान से सुना और कई जिज्ञासाएं भी व्यक्त कीं। इस अवसर पर तपोवन आश्रम के सचिव प्रेम प्रकाश शर्मा भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे और उन्होंने स्वयंसेविकाओं को समाज सेवा के महत्व के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि एनएसएस के माध्यम से युवा समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकते हैं और सेवा की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए।

कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शीतल कनोजिया और डॉ. बरखा कमल ने मुख्य अतिथि और उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन स्वयंसेविकाओं अंशिका, अदिति, कनक और शिवानी ने प्रभावी ढंग से किया। द्वितीय सत्र में श्रीमती साधना जयराज मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। उन्होंने स्वयंसेविकाओं के साथ संवाद करते हुए उनके अनुभवों को सुना और जीवन में लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने छात्राओं को आत्मविश्वास, सकारात्मक सोच और परिश्रम के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि निरंतर प्रयास और दृढ़ संकल्प से ही उज्ज्वल भविष्य का निर्माण किया जा सकता है। उनके प्रेरक विचारों से स्वयंसेविकाओं में नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। दिन भर आयोजित विभिन्न गतिविधियों के माध्यम से स्वयंसेविकाओं ने सामाजिक सरोकारों, अनुशासन और व्यक्तित्व विकास के महत्व को समझा। विशेष शिविर के माध्यम से छात्राओं में सेवा भावना, नेतृत्व क्षमता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी प्रोत्साहित किया जा रहा है।

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