देहरादून। इलेक्ट्रिकल ड्रॉइंग में इस्तेमाल होने वाले सिंबल्स की पहचान और गिनती अब कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से करने का विचार ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी की बी-प्लान प्रतियोगिता में सबसे आगे रहा। टीम आर्गन के पार्थ काला और ध्रुव कठैत ने अपने नवाचारी बिजनेस आइडिया के दम पर पहला स्थान हासिल किया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने तकनीक, डिजिटल समाधान और उद्यमिता पर आधारित बिजनेस मॉडल प्रस्तुत किए।
ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के टेक्नोलॉजी बिजनेस इनक्यूबेटर (टीबीआई) की ओर से आयोजित प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने अपने विचारों को व्यावसायिक रूप देने की संभावनाएं पेश कीं। टीम आर्गन का एआई आधारित उपकरण इलेक्ट्रिकल ड्रॉइंग में मौजूद विभिन्न सिंबल्स की पहचान करने और उनकी गिनती करने के लिए तैयार किया गया है। प्रतियोगिता में निर्णायकों ने बिजनेस आइडिया की उपयोगिता और विभिन्न मानकों के आधार पर टीमों के प्रस्तुतिकरण का मूल्यांकन किया।
सर्वाइवल गेम और कोडिंग प्लेटफॉर्म रहे आकर्षण
प्रतियोगिता में समर्थ बडोला और सार्थक बडोला की टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। टीम ने एंड्रॉयड फोन के लिए सर्वाइवल गेम तैयार किया। वहीं, राज रॉयल और कार्तिकेय बाली की टीम एक्सीड तीसरे स्थान पर रही। टीम ने ऐसा प्लेटफॉर्म प्रस्तुत किया, जिसके जरिए ब्राउजर पर कोडिंग करने के साथ प्रोग्राम के काम करने के तरीके को समझा जा सकता है। प्रतियोगिता में शीर्ष पांच टीमों को नकद पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया।
उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने पर जोर
प्रतियोगिता में आलया के सह-संस्थापक श्रीकृष्णा एलोर और इंटीग्रेटेड मैरीटाइम एक्सचेंज के सह-संस्थापक कुणाल नारायण उनियाल ने निर्णायक की भूमिका निभाई। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों के नए विचारों को मंच प्रदान करने के साथ उन्हें व्यावसायिक अवसरों में बदलने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
इस अवसर पर ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर डॉ. संतोष एस. सर्राफ, टीबीआई की मुख्य कार्यकारी अधिकारी सरिस्मा डांगी, क्रॉबस्टेकल के संस्थापक अनमोल गोगिया और इनक्यूबेटर प्रबंधक हर्षवर्धन सिंह रावत सहित विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।