देहरादून। रीच संस्था की ओर से हिमालयन कल्चरल सेंटर, नींबूवाला में आयोजित 15 दिवसीय विरासत महोत्सव में शनिवार का दिन ज्ञान, साहित्य और संस्कृति के नाम रहा। हेरिटेज क्विज में जहां 19 विद्यालयों के विद्यार्थियों ने प्रतिभा दिखाई, वहीं क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल में अपराध, आंतरिक सुरक्षा और मानवाधिकारों पर चर्चा हुई। शाम को ‘तवायफनामा’ की भावुक प्रस्तुति, शास्त्रीय नृत्य और मुशायरे ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
हेरिटेज क्विज में विद्यार्थियों ने विभिन्न विषयों पर पूछे गए सवालों के जवाब देकर अपनी बौद्धिक क्षमता का परिचय दिया। प्रतियोगिता में चार टीमों ने अगले चरण में जगह बनाई। इनमें ओक ग्रोव स्कूल की दो, समर वैली स्कूल और द ओएसिस की एक-एक टीम शामिल रही। महोत्सव का प्रमुख आकर्षण क्राइम लिटरेचर फेस्टिवल रहा। इसमें उत्तराखंड के पूर्व डीजीपी अशोक कुमार, आलोक लाल, रूपा सोनी, यशोवर्धन आजाद और ताज हसन सहित कई विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया। विभिन्न सत्रों में भारतीय पुलिस व्यवस्था, आतंकवाद, आंतरिक सुरक्षा और अपराध मनोविज्ञान पर विचार साझा किए गए। अशोक कुमार ने अपनी पुस्तक ‘चैलेंजेज टू इंटरनल सिक्योरिटी ऑफ इंडिया’ के संदर्भ में सुरक्षा संबंधी चुनौतियों पर चर्चा की। वहीं, ‘इनसाइड द क्रिमिनल माइंड’ सत्र में रिश्तों, विश्वासघात और अपराध के मनोवैज्ञानिक पहलुओं पर विचार रखे गए।
सांस्कृतिक संध्या में ‘तवायफनामा’ प्रस्तुति विशेष आकर्षण रही। गौहर जान और अन्य महिला कलाकारों के जीवन, संघर्ष तथा हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत में उनके योगदान को संगीत और नृत्य के माध्यम से जीवंत किया गया। डॉ. सोमा मुखर्जी के निर्देशन में 31 कलाकारों ने प्रस्तुति दी। हेमा सिंह और उनके सहयोगियों ने ‘एकत्वम’ के जरिए भरतनाट्यम, कथक और ओडिसी की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं।
‘विरासत-ए-महफिल’ में शायर इकबाल अशहर, शीन काफ निजाम, मदन मोहन दानिश, राजेश रेड्डी और अन्य शायरों ने अपनी रचनाओं से समां बांधा। पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और अमृता रावत ने भी महोत्सव पहुंचकर करीब एक घंटे तक विभिन्न गतिविधियों का अवलोकन किया।