एआई और हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने पर जोर, उत्तरांचल विवि व अमेरिका की फिचबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी मिलकर करेंगे शोध

देहरादून। उत्तरांचल विश्वविद्यालय और अमेरिका की फिचबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी, मैसाचुसेट्स के बीच कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), नवीकरणीय ऊर्जा और सतत विकास के क्षेत्र में शोध सहयोग की संभावनाओं को लेकर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. धरम बुद्धि और फिचबर्ग स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रो. संजय कौल के बीच आयोजित बैठक में दोनों संस्थानों के बीच शैक्षणिक एवं अनुसंधान साझेदारी को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।

बैठक में एआई तकनीक के उपयोग से नवीकरणीय ऊर्जा संसाधनों के बेहतर प्रबंधन, ऊर्जा दक्षता बढ़ाने, सतत ऊर्जा समाधान विकसित करने और पर्यावरणीय चुनौतियों के समाधान के लिए संयुक्त शोध परियोजनाओं पर चर्चा हुई। दोनों शिक्षाविदों ने माना कि आधुनिक तकनीकों के माध्यम से ऊर्जा क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सहयोग बेहद महत्वपूर्ण है। इस दौरान दोनों विश्वविद्यालयों के बीच संकाय सदस्यों और विद्यार्थियों के आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान परियोजनाओं, तकनीकी ज्ञान साझा करने और नवाचार आधारित कार्यक्रमों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी सहमति बनी। उत्तरांचल विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. धरम बुद्धि ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक सहयोग से शोध की गुणवत्ता और प्रभावशीलता को नई दिशा मिलती है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान के लिए विश्वविद्यालयों के बीच ज्ञान और तकनीक का आदान-प्रदान आवश्यक है। वहीं, प्रो. संजय कौल ने कहा कि नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका तेजी से बढ़ रही है। एआई आधारित समाधान ऊर्जा प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दे सकते हैं। बैठक सकारात्मक माहौल में संपन्न हुई। दोनों संस्थानों ने भविष्य में शोध, नवाचार, शैक्षणिक आदान-प्रदान और सतत विकास के क्षेत्रों में औपचारिक सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता जताई। यह साझेदारी तकनीकी नवाचार और वैश्विक शोध सहयोग की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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