देहरादून। औद्योगिक अपशिष्ट प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से पारिजात इंडस्ट्रीज और उत्तरांचल विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ एप्लाइड एंड लाइफ साइंसेज के बीच एक महत्वपूर्ण शोध अनुबंध (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए। इस सहयोग के तहत विश्वविद्यालय को 21.5 लाख रुपये का रिसर्च प्रोजेक्ट प्रदान किया गया है।
इस परियोजना का नेतृत्व प्रो. अजय सिंह (डीन रिसर्च एवं प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर) और डॉ. वंदिता पाण्डे (को-प्रिंसिपल इन्वेस्टिगेटर) करेंगे। शोध का मुख्य उद्देश्य औद्योगिक अपशिष्ट का वैज्ञानिक अध्ययन करना तथा अपशिष्ट जल में मौजूद अमोनियाकल नाइट्रोजन और अन्य विषैले तत्वों को प्रभावी ढंग से कम करने की तकनीक विकसित करना है। समझौते के दौरान पारिजात इंडस्ट्रीज की ओर से डॉ. राजीव रंजन झा (प्रेसिडेंट, आरएंडडी केमिकल एवं मैन्युफैक्चरिंग) और डॉ. अमित कुमार शर्मा (एजीएम, हेल्थ, सेफ्टी एंड एनवायरनमेंट) उपस्थित रहे। उत्तरांचल विश्वविद्यालय की ओर से प्रेसिडेंट जितेन्द्र जोशी, कुलपति प्रो. (डॉ.) धर्म बुद्धि, प्रो-वाइस चांसलर डॉ. राजेश बहुगुणा, निदेशक (आईक्यूएसी) डॉ. राजेश देवोरारी, डीन रिसर्च प्रो. अजय सिंह तथा डॉ. वंदिता पाण्डे ने अनुबंध पर हस्ताक्षर और कार्यक्रम में सहभागिता की। दोनों संस्थानों ने दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग संयुक्त शोध परियोजनाओं, ज्ञान के आदान-प्रदान और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप नवाचार आधारित समाधानों के विकास को गति देगा। साथ ही यह साझेदारी उद्योग और शिक्षण संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत करते हुए नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र के विकास तथा आर्थिक और सामाजिक प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
