देहरादून। मानसून के बीच केदारनाथ यात्रा में संभावित भीड़ बढ़ने को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को जनपद के प्रभारी मंत्री गणेश जोशी ने देहरादून से वर्चुअल बैठक के जरिए जिले में मानसून और आपदा प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को संभावित आपदा की स्थिति से निपटने के लिए पहले से सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रखने के निर्देश दिए।
गणेश जोशी ने कहा कि मानसून के दौरान जिले में जहां भी नुकसान हुआ है, उसका तत्काल विभागवार आकलन किया जाए। प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने में किसी तरह की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने क्षतिग्रस्त मकानों, सड़कों, कृषि क्षेत्र और अन्य परिसंपत्तियों का स्थलीय निरीक्षण कर नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी क्षेत्र में परिवारों के सामने विस्थापन का खतरा है तो ऐसे परिवारों को पहले से चिन्हित किया जाए और जरूरत पड़ने पर उन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था तैयार रखी जाए।
यात्रा मार्गों पर रहेगी विशेष निगरानी
बैठक में केदारनाथ धाम यात्रा की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा हुई। प्रभारी मंत्री ने यात्रा के दौरान हुई दुर्घटनाओं, बीमार यात्रियों, हेली रेस्क्यू और अन्य आपात घटनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में तीर्थ यात्रियों की संख्या बढ़ सकती है। ऐसे में केदारनाथ पैदल मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्गों के संवेदनशील हिस्सों पर विशेष निगरानी रखी जाए। भूस्खलन और अन्य संभावित जोखिम वाले स्थानों को चिह्नित कर वहां पर्याप्त मशीनरी और बचाव दल पहले से तैनात किए जाएं।
मार्ग बंद हुआ तो तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था
गणेश जोशी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सड़क या पैदल मार्ग बाधित होने की स्थिति में वैकल्पिक मार्गों की जानकारी पहले से तैयार रखी जाए। जेसीबी और अन्य मशीनरी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ खोज एवं बचाव दलों को जरूरी उपकरणों से लैस रखने को कहा गया। उन्होंने राहत शिविरों के लिए विद्यालयों, पंचायत घरों, रैन बसेरों और अन्य सुरक्षित भवनों को चिन्हित करने तथा जरूरत पड़ने पर प्रभावित लोगों को तत्काल वहां स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।
अफवाहों पर रोक, आधिकारिक सूचना पर जोर
प्रभारी मंत्री ने जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मौसम विभाग की चेतावनियां समय पर प्रशासन और आम लोगों तक पहुंचनी चाहिए। साथ ही आपदा से जुड़ी भ्रामक और अपुष्ट खबरों के प्रसार पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने जलभराव से बचाव के लिए नालियों और कलवर्ट की नियमित सफाई, संवेदनशील इलाकों में संचार नेटवर्क की स्थिति की निगरानी और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने पर भी जोर दिया। गणेश जोशी ने कहा कि मानसून और आपदा प्रबंधन में पूर्व तैयारी ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है। इसलिए सभी विभाग अपने संसाधन और मानवबल तैयार रखें, ताकि किसी भी आपात स्थिति में राहत और बचाव कार्य बिना देरी के शुरू किए जा सकें। बैठक में जिलाधिकारी विशाल मिश्रा समेत जिला प्रशासन और विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
