– भगत सिंह जयंती पर मातृभूमि परिवार ने आयोजित किया ‘रंग दे बसंती’ कार्यक्रम
देहरादून। अमर शहीद भगत सिंह की जयंती के अवसर पर मातृभूमि परिवार की ओर से प्रेस क्लब में ‘रंग दे बसंती’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत कारगिल शहीद की धर्मपत्नी सुलोचना देवी सुंदरियाल सहित अन्य अतिथियों ने अमर शहीद भगत सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि देने के साथ की। इस दौरान युवाओं और बच्चों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत गीतों की प्रस्तुतियां देकर उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया।
कार्यक्रम के मुख्य वक्ता मातृभूमि परिवार के संरक्षक डॉ. सुनील अग्रवाल ने युवाओं से शिक्षा, संस्कार और स्वास्थ्य के साथ मानसिक रूप से मजबूत बनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अमर शहीद भगत सिंह का जीवन युवाओं को विपरीत परिस्थितियों में भी मजबूत इरादों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। डॉ. अग्रवाल ने कहा कि वर्तमान समय में कई अभिभावक बच्चों की जायज और नाजायज दोनों तरह की जरूरतें पूरी कर देते हैं। इससे कुछ युवाओं में विपरीत परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित नहीं हो पाती। बाद में जब उन पर अपेक्षाओं का दबाव बढ़ता है तो असफलता का मानसिक दबाव उन्हें नशे अथवा आत्मघाती विचारों जैसी गंभीर समस्याओं की ओर धकेल सकता है।
उन्होंने कहा कि बच्चों को शुरू से ही परिस्थितियों का सामना करने, असफलताओं से सीखने और चुनौतियों से जूझने के लिए तैयार किया जाना चाहिए। युवाओं को भगत सिंह जैसे दृढ़ इच्छाशक्ति वाला बनाने की दिशा में परिवार और समाज, दोनों को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने कहा कि भगत सिंह जयंती पर आयोजित कार्यक्रम तभी सार्थक होगा, जब युवा स्वयं को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत बनाने का संकल्प लें और अभिभावक इसमें उनका सहयोग करें। मातृभूमि परिवार द्वारा हर वर्ष भगत सिंह की जयंती और पुण्यतिथि पर कार्यक्रम आयोजित कर युवाओं में देशभक्ति की भावना जागृत करने का प्रयास किया जाता है।
कार्यक्रम में राघव दुआ, वर्षा माटा, डॉ. शैलेंद्र कौशिक और संध्या जोशी ने भी युवाओं को संबोधित किया और भगत सिंह के जीवन तथा उनके विचारों पर प्रकाश डाला। मातृभूमि परिवार के संयोजक हितेश कुमार ने संस्था की ओर से आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर राजा रस्तोगी, परमजीत सिंह, शैलेंद्र गुप्ता, रचित कनौजिया, रामलाल गौड़, विशाल, उदित सहित बड़ी संख्या में मातृभूमि परिवार के सदस्य मौजूद रहे।