देहरादून। उत्तराखंड एसटीएफ ने 84.70 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र के सांगली जिले से वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान यासीन युसूफ मनेर (45) निवासी महाराष्ट्र के रूप में हुई है। आरोपी देहरादून साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज दो मुकदमों में वांछित चल रहा था। इनमें एक मुकदमा 84 लाख 70 हजार रुपये की साइबर ठगी से जुड़ा है। एसटीएफ की टीम ने 26 अक्टूबर को महाराष्ट्र में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम कार्ड भी बरामद किए गए हैं।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के अनुसार साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में दर्ज मुकदमा संख्या 75/2024 की विवेचना के दौरान यासीन युसूफ मनेर की संलिप्तता सामने आई थी। जांच में पता चला कि सितंबर 2024 में शिकायतकर्ता ने आरोपी से संबंधित बैंक ऑफ महाराष्ट्र के प्रथम स्तर के खाते में 29 लाख 50 हजार रुपये स्थानांतरित किए थे। इस मामले में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4), 61(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66डी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच के दौरान आरोपी की संलिप्तता देहरादून साइबर क्राइम थाने में दर्ज एक अन्य मुकदमे में भी सामने आई। पुलिस ने उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी कर विवेचना में शामिल होने के निर्देश दिए थे, लेकिन नोटिस मिलने के बावजूद वह जांच में शामिल नहीं हुआ। इसके बाद एसटीएफ ने उसकी गिरफ्तारी के लिए महाराष्ट्र के सांगली जिले में टीम रवाना की।
एसटीएफ की साइबर टीम ने स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के बाद आरोपी के ठिकाने पर दबिश दी और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब साइबर धोखाधड़ी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच कर रही है। एसटीएफ का कहना है कि साइबर अपराधियों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई में निरीक्षक विजय भारती, उपनिरीक्षक रमन बिष्ट और अपर उपनिरीक्षक गोपाल बिष्ट शामिल रहे।