– सुरक्षित बचपन अभियान के तहत शिविर आयोजित, पॉक्सो अधिनियम
– गुड टच-बैड टच और नशे के दुष्प्रभावों की दी जानकारी
देहरादून। सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल (एसबीपीएस) में मंगलवार को सुरक्षित बचपन अभियान के तहत जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून की ओर से आयोजित शिविर में कक्षा आठ से 12वीं तक के छात्र-छात्राओं को बाल अधिकारों, बच्चों की सुरक्षा, पॉक्सो अधिनियम, गुड टच-बैड टच और नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी दी गई। वक्ताओं ने बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और किसी भी अनुचित व्यवहार की स्थिति में बिना डर के मदद मांगने के लिए प्रेरित किया।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा), नई दिल्ली और उत्तराखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम की मुख्य अतिथि संयुक्त मजिस्ट्रेट (प्रथम) भावना पांडे ने विद्यार्थियों को संबोधित किया। उन्होंने बाल अधिकारों और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए कहा कि बच्चों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए। किसी भी असहज या अनुचित व्यवहार की स्थिति में उन्हें चुप रहने के बजाय अपने अभिभावकों, शिक्षकों अथवा संबंधित अधिकारियों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने नशे से दूर रहने और सुरक्षित भविष्य के लिए जागरूकता को जरूरी बताया। बलूनी ग्रुप के प्रबंध निदेशक विपिन बलूनी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि बच्चों को उनके अधिकारों और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना उनके सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को सही-गलत के बीच अंतर समझने और जरूरत पड़ने पर उचित सहायता लेने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने शिविर के आयोजन के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण का आभार जताया।
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष नमिता ममगाईं, थाना प्रभारी एसएसआई विजय राही, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की वरिष्ठ अधिवक्ता मीना पंत, अधिवक्ता उमेश्वर सिंह रावत और प्राधिकरण की निधि कुकरेती उपस्थित रहीं। सामाजिक कार्यकर्ता यामिनी नैथानी और अपना घर एनजीओ की सहरीन ने भी बच्चों को संबोधित करते हुए उनकी सुरक्षा, अधिकारों और सहायता प्राप्त करने के तरीकों पर प्रकाश डाला। शिविर के दौरान विद्यार्थियों ने विषयों से जुड़े सवाल पूछे और अतिथियों से जानकारी प्राप्त की। वक्ताओं ने बच्चों के लिए सुरक्षित वातावरण बनाने, अनुचित व्यवहार की पहचान करने और समय पर सहायता लेने के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य पंकज नौटियाल सहित शिक्षक और अन्य कर्मचारी मौजूद रहे।